कबीर न्याय यात्रा के 14वें दिन, आज़ाद भारत मंच और ब्राह्मण विकास संघ के तत्वाधान में उत्तर प्रदेश प्रशासन से बचते हुए गृह मंत्रालय और राष्ट्रपति भवन पर ज्ञापन सौंपा गया। इस का नेतृत्व राष्ट्रीय महासचिव शैलेंद्र आजाद त्रिपाठी(आज़ाद मंच भारत), राज कुमार यादव, और ब्राह्मण विकास संघ एवं आजाद मंच के प्रदेश अध्यक्ष प्रेम धर दूबे ने किया।

ज्ञापन में मांग की गई है कि 9 अक्टूबर 2024 तक यदि आदित्य नारायण तिवारी कबीर की हत्या मामले में CBI जांच शुरू नहीं होती, तो आगे देशव्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ेगा। यह चेतावनी यात्रा में शामिल नेताओं द्वारा दी गई है।
यह न्याय यात्रा 15 अगस्त 2024 को बस्ती के कप्तानगंज से शुरू की गई थी। इस यात्रा की शुरुआत विवेक नारायण त्रिपाठी तुलसी ने की थी, जिनके भाई आदित्य नारायण तिवारी कबीर की 9 अक्टूबर 2019 को दिनदहाड़े बस्ती के रंजीत चौराहे पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पांच साल बीत जाने के बावजूद न्याय न मिलने के कारण विवेक ने इस पदयात्रा का संकल्प लिया था।
ज्ञापन सौंपने के बाद यात्रा का समापन हुआ, लेकिन चेतावनी दी गई कि यदि जांच की मांग पूरी नहीं हुई तो देशव्यापी आंदोलन की शुरुआत की जाएगी।

