15 अगस्त 2024 को जनपद बस्ती के कप्तानगंज से कबीर हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर उनके बड़े भाई विवेक नारायण त्रिपाठी तुलसी ने दिल्ली तक पदयात्रा करने का संकल्प लिया है। कबीर की हत्या 9 अक्टूबर 2019 को हुई थी और अब तक न्याय नहीं मिल पाया है। विवेक नारायण त्रिपाठी ने अपने संघर्ष को और तेज करने के उद्देश्य से यह यात्रा शुरू की है, लेकिन उन्हें सुरक्षा की कमी का सामना करना पड़ा है।
यात्रा के 10वें दिन, जब यात्रा जहनी खेड़ा जिला हरदोई बॉर्डर से गुजर रही थी, एक संदिग्ध मारुति वैन ने काफिले पर नजर डाली। वैन के अंदर से अपशब्द कहे जाने की घटना सामने आई। हमारी टीम ने वैन का पीछा किया, लेकिन वैन जल्द ही आगे बढ़ गई। इस घटना ने यात्रा की सुरक्षा पर सवाल उठाया है।
यात्रा शुरू होने से पहले बस्ती के पुलिस अधीक्षक को पूरी जानकारी सौंपी गई थी, लेकिन सुरक्षा के इंतजाम अब तक अधूरे हैं। ऐसी स्थिति में यदि कोई हादसा होता है, तो सवाल उठता है कि इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
विवेक नारायण त्रिपाठी की यह यात्रा न केवल न्याय की प्रतीक्षा कर रहे परिवार की ओर से एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि यह भी दिखाता है कि जनता और प्रशासन की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता कितनी महत्वपूर्ण है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस स्थिति को किस प्रकार संभालता है और कबीर के परिवार को न्याय मिलता है या नहीं।

