उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के नगर पालिका क्षेत्र के मिल्लत नगर वार्ड के निवासियों ने एक अनोखा कदम उठाकर जिम्मेदार अधिकारियों को आईना दिखा दिया है। सालों से टूटी पड़ी सड़क को बनवाने के लिए लगातार अधिकारियों के पास गुहार लगाने के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो वार्ड के लोगों ने खुद ही इसे ठीक कराने का निर्णय लिया।
चंदा इकट्ठा कर सड़क निर्माण का निर्णय
मिल्लत नगर वार्ड की सड़कें पिछले कई सालों से जर्जर हालत में थीं। इन पर न तो वाहनों से चलना संभव था और न ही पैदल चलने में सुरक्षा का एहसास होता था। चुनाव के समय उम्मीदवार वादे तो बहुत करते थे, लेकिन जीत के बाद कोई सुध लेने नहीं आता था। इस निराशा और उदासीनता से परेशान होकर वार्ड वासियों ने एक बैठक बुलाई। इस बैठक में तय किया गया कि अब वह खुद ही अपनी समस्या का समाधान करेंगे।
योजना को अमल में लाने के लिए सबसे पहले चंदा इकट्ठा करने की शुरुआत हुई। सभी लोगों ने मिलकर थोड़ी-थोड़ी रकम जमा की, और देखते ही देखते उन्होंने 45 हजार रुपये इकट्ठा कर लिए। इन पैसों से उन्होंने खुद ही सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर दिया।
वार्ड वासियों का गुस्सा और निराशा
सड़क निर्माण स्थल पर काम करते हुए वार्ड वासियों का गुस्सा छलक उठा। उन्होंने बताया कि यह सड़क इतनी जर्जर हो चुकी थी कि रोज़ाना कोई न कोई व्यक्ति गिरकर चोटिल हो जाता था। बरसात के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती थी, क्योंकि सड़क पर पानी भर जाता था और कई जगहों पर कीचड़ जम जाती थी। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को होती थी, जो कई बार स्कूल यूनिफॉर्म में ही फिसल कर गिर जाते थे। इन समस्याओं को देखते हुए वार्ड के लोगों ने तय किया कि वे अब जिम्मेदार अधिकारियों पर निर्भर नहीं रहेंगे और खुद ही अपनी सड़क बनाएंगे।

जिम्मेदारियों से मुंह मोड़ते जनप्रतिनिधि
वार्ड के लोग इस बात से बेहद नाराज़ थे कि चुनाव के समय जो जनप्रतिनिधि उनके दरवाजे पर आकर वोट मांगते थे, वे चुनाव जीतने के बाद कभी भी उनकी समस्याओं का हल निकालने नहीं आए। सड़कें कई सालों से टूटती जा रही थीं, लेकिन किसी ने भी इसकी मरम्मत के लिए पहल नहीं की। मिल्लत नगर के निवासियों के लिए यह उनकी अस्मिता का सवाल बन गया था, और यही कारण था कि उन्होंने खुद ही अपने दम पर सड़क बनाने का फैसला किया।
आगे की योजना
अब जब वार्ड वासियों ने सड़क का निर्माण कार्य शुरू कर दिया है, तो उनका इरादा यहीं रुकने का नहीं है। वे जल्द ही सड़क पर इंटरलॉकिंग भी करवाने की योजना बना रहे हैं, ताकि यह सड़क लंबे समय तक टिकाऊ रहे और आने-जाने में लोगों को सहूलियत हो।
मिल्लत नगर वार्ड के निवासियों ने अपने इस कदम से न सिर्फ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को उनकी जिम्मेदारी का एहसास कराया है, बल्कि यह भी दिखा दिया है कि जब जनता ठान ले, तो वह खुद ही अपने लिए रास्ता बना सकती है। उनके इस जज़्बे और एकजुटता ने सभी के लिए एक मिसाल कायम की है।

