बस्ती जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के निवासी विवेक नरायण तिवारी, जो अपने भाई आदित्य नरायण तिवारी की हत्या के मामले में लगातार पांच वर्षों से न्याय की लड़ाई लड़ रहे हैं, को हाल ही में जान से मारने की धमकी दी गई है। विवेक नरायण तिवारी के भाई की हत्या 9 अक्टूबर 2019 को एक साजिश के तहत की गई थी, और उस मामले की सुनवाई बस्ती के न्यायालय में चल रही थी।
मुकदमे की पैरवी से आहत अपराधियों की धमकियां
विवेक नरायण तिवारी, जो अपने भाई के हत्या मामले की पैरवी कर रहे हैं, पर पहले भी जानलेवा हमले हो चुके हैं। इस सिलसिले में एक मुकदमा भी दर्ज किया गया था, जिसके तहत उन्हें सुरक्षा प्रदान की गई थी। हालांकि, अगस्त 2023 में उनकी सुरक्षा हटा ली गई, जिससे उनकी जान को और अधिक खतरा हो गया।
मई 2024 से विवेक पर हमले और धमकियों की संख्या में वृद्धि हुई है। 23 मई 2024 को उन्हें एक बार फिर जान से मारने की धमकी मिली थी, लेकिन वे उस समय मुकदमे की पैरवी में व्यस्त होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं कर पाए।
जानलेवा हमलों की आशंका
29 जुलाई 2024 को बस्ती के न्यायालय द्वारा पारित आदेश के बाद, विवेक ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में अपील दाखिल की थी। इलाहाबाद से लौटने के बाद, 10 अगस्त 2024 की शाम को जब वे कप्तानगंज-रखिया मार्ग पर जा रहे थे, तब तीन बाइकों पर सवार अज्ञात अपराधियों ने उनकी गाड़ी को घेरकर जान से मारने की धमकी दी। इस घटना के समय विवेक के साथ उनके दो अन्य साथी भी मौजूद थे।
रात में फिर मिली धमकी
इस घटना के बाद, 11 अगस्त 2024 को रात 1:13 बजे विवेक को एक और धमकी भरा फोन आया, जिसमें उनसे कहा गया कि वे मुकदमे की पैरवी छोड़ दें, नहीं तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
सुरक्षा की मांग
विवेक नरायण तिवारी ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है और प्रशासन से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए उचित कदम उठाने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर उनके साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसके लिए उनके भाई के हत्या में शामिल लोग और प्रशासन जिम्मेदार होंगे।
विवेक ने अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा के लिए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है, ताकि भविष्य में होने वाली किसी भी दुर्भाग्यपूर्ण घटना को रोका जा सके।

