बस्ती, उत्तर प्रदेश – भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) ने शुक्रवार को राष्ट्रीय नेतृत्व और संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर 13 सूत्रीय मांगों को लेकर एक विशेष किसान ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा का आयोजन किया। इस यात्रा का नेतृत्व भाकियू के जिलाध्यक्ष गौरीशंकर चौधरी ने किया। यात्रा की शुरुआत शहीद किसान स्थल मुण्डेरवा में शहीद किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करके की गई, जिसके बाद यह यात्रा टेमी, टोल प्लाजा और फुटहिया से होते हुए शास्त्री चौक पहुंची।
शास्त्री चौक पर यात्रा का समापन लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुआ। इसके बाद भाकियू के पदाधिकारी, किसान और नौजवान जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम 13 सूत्रीय ज्ञापन मुख्य राजस्व अधिकारी को सौंपा।
मुख्य मांगें और ज्ञापन का उद्देश्य
भाकियू के पूर्वांचल अध्यक्ष अनूप चौधरी ने बताया कि ज्ञापन में किसान समस्याओं के समाधान के लिए प्रमुख मांगें उठाई गई हैं। उन्होंने कहा कि 20 अगस्त को दिन में 10 बजे संबंधित अधिकारियों की मौजूदगी में भाकियू पदाधिकारियों से वार्ता की जाएगी, जिसमें स्थानीय समस्याओं का निराकरण किया जाएगा।
ज्ञापन में जिन प्रमुख मांगों को उठाया गया, उनमें शामिल हैं:
- किसान आयोग का गठन – किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए एक स्थायी किसान आयोग का गठन किया जाए।
- न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को लागू करना – किसानों को उनकी फसलों के उचित मूल्य के लिए MSP को कानूनी रूप से लागू किया जाए।
- स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें – फसल मूल्य निर्धारण में स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करने की मांग।
- गन्ना किसानों का बकाया भुगतान – व्याज समेत गन्ना किसानों का बकाया भुगतान किया जाए और आगामी पेराई सत्र में गन्ने का मूल्य 500 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया जाए।
- बिजली संकट का समाधान – किसानों को बिजली संकट से निजात दिलाने के लिए त्वरित कदम उठाए जाएं।
- वाल्टरगंज चीनी मिल का पुनः संचालन – वाल्टरगंज चीनी मिल को फिर से चालू किया जाए और मिल श्रमिकों का बकाया भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
- छुट्टा पशुओं पर नियंत्रण – छुट्टा पशुओं पर अंकुश लगाकर किसानों को होने वाले नुकसान से बचाया जाए।
- कृषि यंत्रों से GST हटाने की मांग – खाद, बीज, कीटनाशक, और कृषि यंत्रों पर लगाई गई GST को हटाया जाए और किसानों को इसके लाभ सीधे उनके खाते में भेजे जाएं।
- बाढ़ से प्रभावित फसलों का मुआवजा – बाढ़ से प्रभावित किसानों को नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए।
भाकियू के पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भागीदारी
ज्ञापन सौंपने की इस प्रक्रिया में भाकियू के प्रदेश सचिव दिवान चंद पटेल, पूर्वांचल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शोभाराम ठाकुर, जयराम वर्मा, के.के. तिवारी, रामगढी चौधरी, सुधाकर शाही, वृजेश पटेल, सुरेन्द्र मोहन शर्मा, विजय कुमार, विष्णुकान्त, दिलीप कुमार, रामचन्दर, राम मूरत चौधरी, हरिश्चन्द्र निषाद, लल्लन, विनोद चौधरी, नरसिंह, मनोज यादव, रमाकान्त, राकेश, धर्मेन्द्र चौधरी, टुनटुन, प्रेमचन्द, शम्भू, बाबूराम, प्रिंस, सभाजीत, विपिन यादव, अमरजीत, श्याम सुन्दर, ब्रम्हदेव चौधरी, गंगाराम, मोनू, अमरेश, काशीराम, नुरूलहुदा, सन्त प्रकाश, बब्लू, मुन्ना, निसार अहमद, संकटा प्रसाद, अमित मिश्र, पारसनाथ, तेज बहादुर, रामनरायन, रामकरन, अमरजीत, राधेश्याम, राम सुरेमन, राम कल्प, रामफेर, पिंकू चौधरी, दीपू चौधरी और अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी शामिल रहे। इनके साथ ही बड़ी संख्या में किसान और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि भी इस यात्रा और ज्ञापन सौंपने की प्रक्रिया में शामिल हुए।
भाकियू की इस किसान ट्रैक्टर तिरंगा यात्रा ने एक बार फिर से किसानों की समस्याओं को उजागर किया है और सरकार से उनके समाधान की मांग की है। यह यात्रा किसानों की एकता और उनकी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। अब देखना यह है कि 20 अगस्त को होने वाली वार्ता में सरकार इन मांगों पर क्या कदम उठाती है।

