बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से हिंसा की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। हिंदुओं को चुन-चुन कर निशाना बनाया जा रहा है। हिंदू मंदिरों पर हमले हो रहे हैं, उनके घरों और दुकानों में लूटपाट की जा रही है। इन घटनाओं के बीच एक हिंदू काउंसिलर की हत्या भी हो चुकी है।
सलमान खुर्शीद का विवादित बयान
इस बीच, कांग्रेस नेता और पूर्व विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने बांग्लादेश में हो रही हिंसा को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में जो हो रहा है, वह भारत में भी हो सकता है। उन्होंने यह बयान शिक्षाविद मुजीबुर्रहमान की किताब ‘शिकवा-ए-हिंद: द पॉलिटिकल फ्यूचर ऑफ इंडियन मुस्लिम्स’ की लॉन्चिंग के मौके पर दिया। खुर्शीद ने कहा, “कश्मीर में सब कुछ सामान्य लग सकता है। यहां सब कुछ सामान्य लग सकता है। हम जीत का जश्न मना रहे हैं, लेकिन निश्चित रूप से कुछ लोगों का मानना है कि वह जीत या 2024 की सफलता शायद मामूली थी।”
भाजपा की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता के इस बयान पर भाजपा ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस नेता भारत के लोगों को यह कहकर भड़काने की कोशिश कर रहे हैं कि जो हिंसा बांग्लादेश में हो रही है, वह भारत में भी हो सकती है। उन्होंने कहा कि यह कांग्रेस पार्टी द्वारा “राष्ट्रनीति” के ऊपर “राजनीति” करने का एक और उदाहरण है।
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा, “यह भारतीय लोकतंत्र का मजाक उड़ाने वाला बयान है। इंदिरा गांधी ने 1975 में तानाशाही की पराकाष्ठा करते हुए देश में आपातकाल लगाया था। अभी भी कांग्रेस के नेताओं के अंदर आपातकाल की आत्मा घूम रही है।”
कांग्रेस पार्टी की सोच
भाजपा सांसद संबित पात्रा ने खुर्शीद के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह कांग्रेस पार्टी की किस प्रकार की सोच को दर्शाता है। उन्होंने राहुल गांधी के संसद में दिए बयान को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी अपनी हार से खीजकर अराजकता फैलाने की कोशिश कर रही है।
बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद हो रही हिंसा ने भारतीय राजनीति में एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। सलमान खुर्शीद के बयान ने भाजपा और कांग्रेस के बीच तनाव को बढ़ा दिया है। इस घटना से यह साफ है कि दोनों पार्टियों के बीच मतभेद गहरे हैं और यह स्थिति आने वाले समय में और भी जटिल हो सकती है।

