प्रयागराज जिले के बहरिया इलाके के धम्मौर गांव में हुए गोलीकांड में मुख्य आरोपी को थाने से छोड़ने का मामला तूल पकड़ रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस घटना के मुख्य आरोपी अभिषेक यादव उर्फ हिंदू को, जो जिला पंचायत सदस्य हैं, पुलिस ने थाने से छोड़ दिया है। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की मांग की है।
घटना का विवरण
घटना 30 जुलाई को धम्मौर गांव में हुई। 50 लाख कीमत के मकान को लेकर हुए विवाद में फायरिंग हुई, जिसमें दो युवकों को गोली लगी। इनमें से एक युवक, मुलायम यादव (22), की अस्पताल में इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। घायल जितेंद्र यादव ने बताया कि जिला पंचायत सदस्य अभिषेक यादव और उनके साथियों ने उन पर हमला किया और मुलायम यादव को सीने में गोली मारी।
आरोपी अभिषेक यादव की रिहाई
मुलायम यादव के पिता रामा यादव ने एफआईआर दर्ज करवाई, जिसमें 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया, लेकिन मुख्य आरोपी अभिषेक यादव को थाने से छोड़ दिया। रामा यादव का कहना है कि पुलिस दबाव में आकर अभिषेक यादव को छोड़ रही है। जितेंद्र यादव के बयान और वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद अभिषेक यादव को रिहा कर दिया गया।
पुलिस का बयान
बहरिया थाना प्रभारी रणविजय सिंह ने बताया कि अभिषेक यादव को तहरीर में नामजद किया गया है, लेकिन जांच में उसकी मौजूदगी वहां नजर नहीं आई, इसलिए उसे छोड़ दिया गया। पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने इस मामले को सदन में उठाया। उन्होंने भाजपा के पदाधिकारी द्वारा हत्या के आरोप की जांच की मांग की। घटना की गंभीरता को देखते हुए विपक्ष ने सरकार पर दबाव बनाया है।
पीड़ित परिवार की मांग
पीड़ित परिवार ने अपनी जान का खतरा बताते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। रामा यादव ने कहा कि वे अपने परिवार के साथ लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री से मिलकर न्याय की मांग करेंगे।
प्रशासन की प्रतिक्रिया
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला कानून व्यवस्था और न्याय प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाने की आवश्यकता है।

