बस्ती, उत्तर प्रदेश – मोहित यादव के अपहरण और हत्या को 22 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उसके शव के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। गिरफ्तार आरोपियों का दावा है कि 12 जुलाई को अपहरण के दिन ही मोहित को मार दिया गया था और उसका शव कुआनो नदी में फेंक दिया गया था।
आरोपी इलहान की गिरफ्तारी और बयान
इस मामले में हाल ही में गिरफ्तार आरोपी इलहान पर बस्ती पुलिस ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। गिरफ्तारी के बाद इलहान ने पुलिस को बताया कि लालगंज में कुआनो नदी के पास उसने प्रिंस के सहयोग से मोहित का शव फेंका था। हालांकि, कई आरोपियों की गिरफ्तारी के बावजूद लाश फेंकने की सही लोकेशन पुलिस को अब तक पता नहीं चल पाई थी। अब जबकि लोकेशन मिल गई है, पुलिस ने राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) की टीम को बुलाया है ताकि शव को खोजा जा सके।
शव मिलने की संभावनाएं कम
जानकारों का दावा है कि अब मोहित का शव मिलना मुश्किल है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विशेषज्ञों का कहना है कि पानी में शव डालने के बाद वह 2-3 दिन में फूलकर ऊपर आ जाता है। ऐसा डी-कंपोजिंग प्रक्रिया के चलते होता है, फिर पानी के जीव उसे खाने लगते हैं। 15-18 दिन बाद यह आशंका होती है कि हड्डियां भी पानी की तलहटी में डूब जाती हैं।
पुलिस की आगामी कार्रवाई
मोहित यादव के मामले में प्रिंस की गिरफ्तारी अभी भी बाकी है। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि प्रिंस की गाड़ी से ही मोहित का शव फेंका गया था। पुलिस ने प्रिंस पर भी 25,000 रुपये का इनाम घोषित कर रखा है।
मोहित यादव के अपहरण और हत्या मामले में 22 दिन बाद भी शव नहीं मिलने से पुलिस और परिजन चिंतित हैं। पुलिस द्वारा एसडीआरएफ की मदद से शव खोजने के प्रयास जारी हैं, लेकिन विशेषज्ञों के अनुसार शव मिलना अब मुश्किल है। मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और उनसे मिली जानकारी के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।

