बस्ती, उत्तर प्रदेश – बस्ती जिले के कुदरहा ब्लॉक क्षेत्र में स्थित मईपुर के मदरहवा गांव के निवासी सरयू नदी की तेज कटान से भयभीत हैं। घटते जल स्तर के कारण नदी के किनारे बसे लोग दहशत में हैं क्योंकि कटान के कारण उनके खेत, पेड़ और जमीन नदी में समा रहे हैं।
100 बीघा धान की फसल नदी में समाहित
अब तक सरयू नदी की तेज कटान के कारण लगभग 100 बीघा से अधिक धान की फसल नदी के आगोश में समा चुकी है। इस विनाशकारी कटान के कारण स्थानीय किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। खेतों और पेड़ों के नदी में समाहित होने के कई वीडियो भी सामने आए हैं, जिन्हें ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया है। इन वीडियो में कटान की विभीषिका स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है।
गांव से 50 मीटर की दूरी पर बह रही सरयू नदी
सरयू नदी गांव से केवल 50 मीटर की दूरी पर बह रही है, जिससे ग्रामीणों में भय और भी बढ़ गया है। कटान की बढ़ती तीव्रता के कारण ग्रामीणों को गांव में बने पुलिया के भी कटने की आशंका है। इस स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मदद की गुहार लगाई है।
कटान के विडियो का प्रसार
मईपुर के मदरहवा में हो रहे इस कटान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इस गंभीर स्थिति की जानकारी मिल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस कटान को रोका नहीं गया तो आने वाले समय में और भी अधिक नुकसान हो सकता है।
सरयू नदी की तेज कटान ने बस्ती के ग्रामीणों की जिंदगी को खतरे में डाल दिया है। फसल और जमीन के नुकसान के साथ ही अब उन्हें अपने घरों और पुलिया के भी कटने का डर सता रहा है। प्रशासन को इस गंभीर स्थिति का संज्ञान लेते हुए त्वरित और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके और कटान को रोका जा सके।

