इलाहाबाद। आज दिनांक 08 अप्रैल 2026 को छात्र संगठन एसएफआई इलाहाबाद जिला कमेटी द्वारा उत्तर प्रदेश दशमोत्तर छात्रवृत्ति के सत्र समाप्त हो जाने के बावजूद भी आवंटन में आ रही समस्याओं के संबंध में जिला समाज कल्याण अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया।
इस मौके पर SFI के प्रदेश अध्यक्ष पार्थ सारथी द्विवेदी ने कहा कि छात्रवृत्ति का सत्र बीत जाने के बावजूद भी जिले के अधिकतम पात्र छात्रों की छात्रवृत्ति अभी तक आवंटित नहीं हुई है। आवंटन की अंतिम तिथि 31 मार्च होती है और ऐसे में जब आखिरी दिनों तक छात्रवृत्ति छात्रों के बैंक अकाउंट में नहीं भेजी जाती है तो छात्रों में संशय की स्थिति उत्पन्न होती है और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है। SFI ने प्रदेश भर के कई जिलों में छात्रों से बातचीत के आधार पर पाया है कि करीब 50 प्रतिशत या उससे अधिक योग्य छात्रों की छात्रवृत्ति 08 अप्रैल 2026 तक उनके अकाउंट में नहीं पहुंची है।

उन्होंने कहा कि सत्र समाप्त हो चुका है, इसके बावजूद छात्रवृत्ति में व्यापक धांधली की जा रही है और इस बार स्टेटस भी अपडेट नहीं किया जा रहा है। पिछले सत्र में छात्रों को उनके पाठ्यक्रम की फीस के अनुपात में आधी या उससे भी कम राशि मिली थी, जिससे इस बार भी छात्रों में आशंका बनी हुई है। प्रदेश में उच्च शिक्षा की फीस भरने के लिए छात्रवृत्ति पर निर्भरता के कारण देरी से छात्रों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिसका परिणाम पढ़ाई छोड़ने की बढ़ती दर के रूप में सामने आ रहा है।
एसएफआई इलाहाबाद के जिला अध्यक्ष ईशु मौर्य ने मांग की कि जिन छात्रों को इस सत्र में अभी तक छात्रवृत्ति आवंटित नहीं की गई है, उन्हें औपचारिक कार्य समय समाप्त होने से पहले छात्रवृत्ति दी जाए तथा ऑनलाइन पोर्टल पर आवंटन की स्थिति का रियल टाइम अपडेट उपलब्ध कराया जाए। सभी छात्रों को उनके पाठ्यक्रमों में जमा की गई फीस एवं अन्य शुल्क जैसे कंप्यूटर फीस, हॉस्टल फीस आदि के अनुपात में पूरी छात्रवृत्ति राशि प्रदान की जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि छात्रवृत्ति के भुगतान के लिए सत्र के अंतिम दिनों तक प्रतीक्षा न कराई जाए और इसे कई भागों में न बांटकर फरवरी माह के अंत तक एकमुश्त छात्रों के खातों में स्थानांतरित किया जाए। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार से प्रीमैट्रिक और पोस्टमैट्रिक छात्रवृत्ति का बजट बढ़ाने की मांग की गई, ताकि सभी पात्र छात्रों को इसका लाभ मिल सके।

एसएफआई जिला सचिव आशीष गौड ने कहा कि एक ओर जीरो फीस एडमिशन की प्रक्रिया बंद है, वहीं दूसरी ओर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति में भी देरी की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया गया तो संगठन व्यापक प्रदर्शन के लिए बाध्य होगा, जिसकी जिम्मेदारी समाज कल्याण विभाग की होगी।
प्रदर्शन के दौरान विभाग की ओर से शीघ्र छात्रवृत्ति आवंटन का आश्वासन दिया गया। इस मौके पर सुमित, प्रशांत, ऋचा, शिशिर, ऋषि, विकास स्वरूप, अखिल विकल्प समेत दर्जनों छात्र उपस्थित रहे।

