देश की सबसे प्रतिष्ठित और कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में शामिल संघ लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा के हालिया परिणामों में एक बार फिर जामिया मिल्लिया इस्लामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (RCA) ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। वर्ष 2025 के सिविल सेवा परीक्षा परिणाम, जो इसी माह मार्च में घोषित हुए, में जामिया की इस अकादमी के 38 छात्रों ने अंतिम सूची में जगह बनाई। इन सफल उम्मीदवारों में 15 छात्राएं भी शामिल हैं, जो सिविल सेवा में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का संकेत देती हैं। विशेष रूप से चार छात्रों ने ऑल इंडिया टॉप-50 में स्थान हासिल किया, जिनकी रैंक क्रमशः 7, 14, 24 और 29 रही। यह उपलब्धि न केवल जामिया के लिए गौरव की बात है बल्कि यह भी दर्शाती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद प्रतिभाशाली छात्र देश की सर्वोच्च प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच सकते हैं।
जामिया मिल्लिया इस्लामिया की आवासीय प्रशिक्षण अकादमी (Residential Coaching Academy) पिछले कई वर्षों से सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी कराने वाले प्रमुख संस्थानों में गिनी जाती है। यह अकादमी विश्वविद्यालय के सेंटर फॉर कोचिंग एंड करियर प्लानिंग के अंतर्गत संचालित होती है और इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक और आर्थिक रूप से वंचित वर्गों के प्रतिभाशाली युवाओं को मुफ्त और गुणवत्तापूर्ण कोचिंग उपलब्ध कराना है। यहां चयनित छात्रों को न केवल विशेषज्ञ शिक्षकों से पढ़ाई कराई जाती है बल्कि उन्हें हॉस्टल, लाइब्रेरी, अध्ययन सामग्री, टेस्ट सीरीज़ और इंटरव्यू गाइडेंस जैसी सुविधाएं भी दी जाती हैं, जिससे वे पूरी तरह तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
RCA की स्थापना वर्ष 2010 में हुई थी और तब से यह सिविल सेवा की तैयारी के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरी है। अपनी स्थापना के बाद से यह अकादमी सैकड़ों सिविल सेवकों को तैयार कर चुकी है, जिनमें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और अन्य केंद्रीय सेवाओं के अधिकारी शामिल हैं। कई ऐसे छात्र भी रहे हैं जिन्होंने देशभर में शीर्ष रैंक हासिल कर जामिया का नाम रोशन किया है। उदाहरण के तौर पर वर्ष 2021 में सिविल सेवा परीक्षा की ऑल इंडिया रैंक-1 हासिल करने वाली श्रुति शर्मा और वर्ष 2018 के तीसरे स्थान पर रहे जुनैद अहमद भी इसी अकादमी से जुड़े रहे हैं।
दरअसल, जामिया की RCA का मॉडल इस मायने में अलग है कि यह केवल पढ़ाई कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को एक समग्र शैक्षणिक वातावरण प्रदान करती है। यहां प्रारंभिक परीक्षा (Prelims), मुख्य परीक्षा (Mains) और साक्षात्कार (Interview) — तीनों चरणों की तैयारी व्यवस्थित रूप से कराई जाती है। नियमित कक्षाओं के साथ-साथ उत्तर लेखन अभ्यास, मॉक टेस्ट, विषय विशेषज्ञों के व्याख्यान और पूर्व सफल अभ्यर्थियों से संवाद जैसी गतिविधियां भी आयोजित की जाती हैं। इस समग्र प्रशिक्षण का परिणाम है कि RCA से पढ़ने वाले छात्र लगातार यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त कर रहे हैं।
जामिया प्रशासन के अनुसार RCA में प्रवेश भी आसान नहीं होता। इसके लिए हर वर्ष एक प्रतिस्पर्धी प्रवेश परीक्षा आयोजित की जाती है जिसमें देशभर से हजारों छात्र आवेदन करते हैं, जबकि चयन सीमित संख्या में ही होता है। उदाहरण के तौर पर कुछ वर्षों में हजारों आवेदनों के बीच से लगभग 150 छात्रों को ही प्रशिक्षण के लिए चुना जाता है। यह चयन प्रक्रिया छात्रों की बौद्धिक क्षमता, सामान्य ज्ञान और विश्लेषणात्मक सोच का परीक्षण करती है।
इस वर्ष यूपीएससी परिणामों में आरसीए का प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह पिछले वर्षों की उपलब्धियों को आगे बढ़ाने वाला है। वर्ष 2024 की सिविल सेवा परीक्षा में भी जामिया की इस अकादमी के 32 छात्रों ने सफलता हासिल की थी, जिनमें 12 छात्राएं शामिल थीं। उस वर्ष 78 छात्रों ने इंटरव्यू चरण तक पहुंचकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया था, जिनमें से 32 अंतिम सूची में जगह बनाने में सफल रहे।
वर्तमान परिणाम में 38 छात्रों की सफलता यह दर्शाती है कि अकादमी की तैयारी पद्धति और मार्गदर्शन लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। चार छात्रों का टॉप-50 में आना इस उपलब्धि को और भी खास बना देता है। यह न केवल संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता का प्रमाण है बल्कि यह भी बताता है कि यहां पढ़ने वाले छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
आरसीए की सफलता के पीछे कई कारण बताए जाते हैं। सबसे महत्वपूर्ण है यहां का अनुशासित अध्ययन वातावरण और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन। अकादमी में पढ़ाने वाले शिक्षकों के साथ-साथ सेवानिवृत्त नौकरशाहों और सफल सिविल सेवकों को भी समय-समय पर आमंत्रित किया जाता है ताकि वे छात्रों को प्रशासनिक अनुभव और परीक्षा रणनीति के बारे में जानकारी दे सकें। इसके अलावा छात्रों के लिए नियमित मॉक इंटरव्यू और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
इस अकादमी की एक और महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह सामाजिक समावेशन को बढ़ावा देती है। यहां विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला उम्मीदवारों को अवसर प्रदान करने पर जोर दिया जाता है। यही कारण है कि आरसीए से निकलने वाले कई सफल उम्मीदवार ऐसे परिवारों से आते हैं जहां पहले कभी किसी ने सिविल सेवा में जाने का सपना भी नहीं देखा था।
सफल उम्मीदवारों की पृष्ठभूमि भी इस संस्थान की भूमिका को स्पष्ट करती है। कई छात्र ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं, जहां उच्च स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं होते। जामिया की आरसीए उन्हें न केवल शिक्षा देती है बल्कि आत्मविश्वास भी प्रदान करती है। दिल्ली जैसे बड़े शहर में रहकर पढ़ाई करने की सुविधा और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उनके सपनों को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि जामिया की यह पहल भारतीय लोकतंत्र की उस भावना को मजबूत करती है जिसमें हर प्रतिभाशाली व्यक्ति को समान अवसर मिलना चाहिए। यूपीएससी जैसी परीक्षा में सफलता का मतलब केवल एक प्रतिष्ठित नौकरी हासिल करना नहीं है, बल्कि यह देश की प्रशासनिक व्यवस्था में योगदान देने का अवसर भी है। जब विभिन्न सामाजिक पृष्ठभूमियों से आने वाले छात्र प्रशासनिक सेवाओं में प्रवेश करते हैं तो शासन व्यवस्था अधिक समावेशी और संवेदनशील बनती है।
आज के समय में जब प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी एक बड़े उद्योग का रूप ले चुकी है और निजी कोचिंग संस्थानों की फीस लाखों रुपये तक पहुंच जाती है, तब जामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी जैसे संस्थान यह साबित करते हैं कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और मार्गदर्शन समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया जा सकता है। यही कारण है कि आरसीए को देश में सिविल सेवा तैयारी के सबसे सफल और भरोसेमंद संस्थानों में से एक माना जाता है।
यूपीएससी के ताजा परिणामों में 38 छात्रों की सफलता और चार का टॉप-50 में स्थान बनाना इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा किसी भी सामाजिक या आर्थिक सीमा से बंधी नहीं होती। सही दिशा, संसाधन और मेहनत के साथ कोई भी छात्र अपने सपनों को साकार कर सकता है। जामिया मिलिया इस्लामिया की रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी इसी विश्वास को मजबूत करती है और हर वर्ष नए युवाओं को देश सेवा के लिए प्रेरित करती रहती है।
इस उपलब्धि के साथ यह उम्मीद और भी मजबूत होती है कि आने वाले वर्षों में भी रेजिडेंशियल कोचिंग अकादमी (RCA) से निकलने वाले छात्र सिविल सेवा परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता हासिल करेंगे और देश की प्रशासनिक व्यवस्था को नई ऊर्जा और दृष्टि प्रदान करेंगे।
✍️ अखिल कुमार यादव

