बस्ती।
पंडित राजन महिला डिग्री कॉलेज परिसर में रविवार को दिव्यम योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान के प्रथम स्थापना वर्ष के अवसर पर आयोजित समारोह में योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा की उपयोगिता और बढ़ती स्वीकार्यता पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने इसे स्वस्थ जीवन की सुरक्षित, प्रभावी और स्थायी पद्धति बताते हुए आम जन से इसे अपनाने की अपील की।

मुख्य अतिथि हनुमंत संस्कृत महाविद्यालय, अयोध्या के प्राचार्य आचार्य डॉ. महेश दास महाराज ने कहा कि प्राकृतिक चिकित्सा केवल रोगों का उपचार नहीं, बल्कि संतुलित और संयमित जीवनशैली का मार्ग है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में बढ़ते शारीरिक व मानसिक रोगों के समाधान में प्राकृतिक चिकित्सा की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

विशिष्ट अतिथि उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश शुक्ला ने कहा कि योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा मधुमेह, उच्च रक्तचाप, मोटापा, थायराइड, पाचन संबंधी रोगों तथा तनाव जैसी समस्याओं में लाभकारी सिद्ध हो रही है। यह पद्धति शरीर की आत्म-उपचार क्षमता को सक्रिय कर रोगों के मूल कारण पर प्रभाव डालती है।
मुख्य वक्ता प्रो. डॉ. नवीन सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि योग और प्राकृतिक चिकित्सा तनाव, चिंता, अवसाद एवं अनिद्रा जैसी समस्याओं में सकारात्मक परिणाम देती है। यह पद्धति सुरक्षित, वैज्ञानिक और सभी आयु वर्ग के लिए उपयुक्त है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. वी. के. श्रीवास्तव ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए योग, ध्यान और सात्विक जीवनशैली को दैनिक दिनचर्या में शामिल करना आवश्यक है।
संस्थान की व्यवस्थापक योगाचार्य शन्नो दुबे ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि दिव्यम योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा संस्थान बस्ती मंडल का समर्पित केंद्र है, जो लोगों को निरोगी जीवन के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कार्य कर रहा है।
कार्यक्रम का संचालन मयंक श्रीवास्तव ने किया। इस अवसर पर अंकुर वर्मा, डॉ. लक्ष्मी सिंह, डॉ. कल्पना सिंह, वरिष्ठ पत्रकार पुनीत ओझा, भावेश पांडेय, एडवोकेट गणेश शंकर त्रिपाठी, डॉ. सुधा त्रिपाठी, डॉ. आनंद बिहारी, डॉ. मधुमिता सिंह, सुनील पांडे, दर्शना वर्मा, सविता पांडे, योग प्रशिक्षक श्रवण कुमार सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे

