NTF Media के साप्ताहिक अख़बार “नजरिया बस्ती का” साप्ताहिक अखबार के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रमुखता से चलाए गए खबर का असर आखिरकार ज़मीनी स्तर पर दिखने लगा है। शहर के बीच से गुजरने वाली कुआनो नदी में वर्षों से टूटकर गिरे पुराने पुल के मलबे को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना के निर्देश पर संबंधित विभाग के कर्मचारी नदी में गिरे मलबे को निकालने में जुटे हुए हैं।

उल्लेखनीय है कि कुआनो नदी पर वर्ष 1908 में पुल का निर्माण हुआ था। फरवरी 2017 में 80 टन गिट्टी लदा ट्रक गुजरने के दौरान पुल टूटकर नदी में गिर गया। पुल के साथ ही लोहे के गर्डर, ईंट-पत्थर और भारी मलबा नदी में पड़ा रह गया। विभागीय उदासीनता के चलते वर्षों तक यह मलबा नहीं हटाया गया, जिससे नदी की धारा अवरुद्ध हो गई और जल प्रवाह प्रभावित होता रहा।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों के आंदोलन के बाद नए पुल का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन पुराने पुल के मलबे को हटाने की जिम्मेदारी भुला दी गई। नदी में पड़े मलबे में कूड़ा-कचरा फंसता रहा, जिससे जल प्रदूषण बढ़ता गया और कुआनो नदी की स्थिति लगातार खराब होती चली गई।
NTF Media ने इस गंभीर समस्या को प्रमुखता से उठाते हुए “कुआनो नदी अपनी दुर्दशा से सर्वेश्वर की कविता तक” शीर्षक से एक विशेष सीरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर चलाई, जिसे NTF Media के यूट्यूब चैनल सहित अन्य डिजिटल माध्यमों पर लगातार प्रसारित किया गया। इस मुद्दे को लेकर हर्रैया विधानसभा के भाजपा विधायक अजय सिंह के प्रतिनिधि सरोज मिश्रा ने तत्कालीन जिलाधिकारी रवीश गुप्ता को ज्ञापन भी सौंपा था। NTF Media से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि यदि प्रशासन इस पर संज्ञान नहीं लेता है तो वे स्वयं जेसीबी लेकर नदी में उतरेंगे।

खबर को संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना ने कुआनो नदी में वर्षों से गिरे पुल के मलबे को हटाने के निर्देश जारी किए। आदेश के बाद संबंधित विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मलबा निकालने का कार्य शुरू कर दिया गया।
इस संबंध में जिलाधिकारी कृत्तिका ज्योत्सना ने बताया कि कुआनो नदी में गिरे पुल के मलबे को हटाने के लिए निर्देश दे दिए गए हैं। मलबा हटने के बाद नदी में जल प्रवाह बेहतर होगा और जल प्रदूषण की समस्या से भी राहत मिलेगी।
स्थानीय नागरिकों ने इस कार्रवाई को जनहित में महत्वपूर्ण बताते हुए उम्मीद जताई है कि कुआनो नदी जल्द ही अपनी स्वाभाविक धारा और स्वच्छता की ओर लौटेगी।

