अयोध्या। शहीद भगतसिंह स्मृति ट्रस्ट ने सामूहिक बलात्कार के आरोपी उन्नाव के विधायक रहे कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट ने उम्रकैद की सज़ा को सस्पेंड कर ज़मानत देने की सख्त आलोचना की है । ट्रस्ट के चेयरमैन सत्यभान सिंह जनवादी ने अपने बयान में कहा है कि कुलदीप सिंह सेंगर ने अपने पद और प्रभाव का दुरुपयोग करते हुए पीड़िता को नौकरी का लालच देकर सामूहिक बलात्कार किया और फिर उसके पिता को पेड़ से बांधकर इतना पीटा कि उसकी मृत्यु हो गई । कोर्ट के आदेश के बाद सेंगर को पुलिस ने बहुत मुश्किल से गिरफ्तार किया था । सेंगर ने साजिश के तहत पीड़िता के परिवार का ट्रक से एक्सीडेंट करवा दिया था जिसमें उसकी मां और चाची दोनों की मौत हो गई थी । सेंगर का इतना आतंक था कि पीड़िता को उन्नाव छोड़कर दिल्ली में रहना पड़ा । जब से सेंगर की ज़मानत का आदेश आया है , पीड़िता को अपने व अपने परिवार की सुरक्षा का ख़तरा हो गया है ।
जनवादी महिला समिति उप्र ने जारी बयान में कहा है कि
अखिलेश सिंह ने कहा कि ऐसे दुर्दांत अपराधी की उम्रकैद की सज़ा को सस्पेंड कर ज़मानत देने का संदेश है कि भाजपा राज में बलात्कारियों को सम्मानित किया जाता है
ट्रस्ट की सदस्य पूजा श्रीवास्तव ने कहा कि सामूहिक बलात्कार की शिकार बिलकीस बानो के बलात्कारियों का फूल माला से स्वागत किया गया , बलात्कारी आसाराम ज़मानत पर बाहर हैं और हत्या और बलात्कार के अपराध में सज़ायाफ्ता राम रहीम बार बार पैरोल पर जेल से बाहर रहता है । बलात्कारियों को इस प्रकार यदि “बेटी बचाओ ” का नारा देने वालों का राजनैतिक संरक्षण मिलता रहा तो अपराधियों के हौसले बुलंद होंगे और लड़कियां महिलाएं और भी ज्यादा असुरक्षित होंगी ।
मांग की जाती है कि अविलंब ऐसे अपराधी की ज़मानत रद्द की जाये जिससे पीड़िता एक सुरक्षित जीवन जी सके।
सामूहिक बलात्कार के आरोपी उन्नाव के विधायक रहे कुलदीप सिंह सेंगर को दिल्ली हाईकोर्ट के उम्रकैद की सज़ा को सस्पेंड कर ज़मानत देने पर शहीद भगतसिंह स्मृति ट्रस्ट ने की कड़ी आलोचना
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