जाति आधारित महासभा में शपथ, सवालों के घेरे में डॉक्टर वी.के. वर्मा
बस्ती। सरकार ने हाल ही में माननीय उच्च न्यायालय के जारी निर्देश के क्रम में जाति-आधारित रैलियों, सम्मेलनों और आयोजनों पर रोक लगाने का आदेश दिया था। निर्देश यह भी है कि पुलिस दस्तावेजों—एफआईआर, गिरफ्तारी मेमो इत्यादि—में जाति का उल्लेख न हो, ताकि भेदभाव खत्म किया जा सके।
सरकारी निर्दशो का उल्लंघन करते हुए शनिवार को प्रेस क्लब सभागार में न केवल एक जातीय सभा का शपथ ग्रहण कार्यक्रम हुआ। सरकारी सेवा में कार्यरत एक महत्वपूर्ण अधिकारी ने बाकायदा जातीय संगठन में पद का शपथ भी लिया।
बताते चलें कि बीते शनिवार को बस्ती के प्रेस क्लब सभागार में भारतीय कुर्मी महासभा की बैठक आयोजित किया गया जिसमें मुख्यरूप से संगठन के प्रदेश सचिव आरके सिंह पटेल, अरविंद चौधरी, विनोद कुमार व अन्य मौजूद रहे । उल्लेखनीय है कि इस जातीय सम्मेलन में बस्ती जिले के आयुष चिकित्सा अधिकारी जिला अस्पताल बस्ती डॉ. वी.के. वर्मा ने प्रतिभाग किया और भारतीय कुर्मी महासभा के जिला अध्यक्ष पद की शपथ भी लिया।
संवाददाता ने जब उनसे हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए सवाल किया तो उन्होंने जवाब दिया कि उन्हें आदेश की जानकारी नहीं थी न ही उनका उद्देश्य न्यायालय या शासन के निर्देशों के उल्लंघन का है। निजी अस्पताल के संचालक डॉ. वर्मा का मामला और गंभीर हो जाता है, क्योंकि वह स्वयं सरकारी अस्पताल में पदस्थ हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी से प्रकरण पर बात करने का प्रयास किया गया किन्तु बात नहीं हो सकी।

