बस्ती। महर्षि वशिष्ठ ओपेक चिकित्सालय कैली, बस्ती पर फर्जी मेडिकल रिपोर्ट देने का गंभीर आरोप लगा है। मामला एक मरीज का है, जिसे तेज़ बुखार और पेट दर्द की शिकायत के चलते 17 अगस्त को प्रयागराज के स्वरूप रानी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहाँ किए गए अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन में साफ हुआ कि मरीज की आंतों में फ्लूड कलेक्शन है, संक्रमण (इंफेक्शन) फैला हुआ है और तिल्ली (Spleen) में चोट भी है। करीब 10 दिन तक इलाज के बाद उसे 26 अगस्त को डिस्चार्ज कर दिया गया।

घर लौटने के बाद भी जब बुखार और दर्द जारी रहा तो परिजन मरीज को बस्ती मेडिकल कॉलेज, कैली ले गए। यहाँ उसका दोबारा अल्ट्रासाउंड एप्पेक्स डायग्नोस्टिक सेंटर में हुआ, जिसमें प्रयागराज जैसी ही बीमारी की पुष्टि हुई। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि उसी दिन कैली मेडिकल कॉलेज में कराए गए सीटी स्कैन की रिपोर्ट में मरीज को पूरी तरह “नॉर्मल” बताया गया।

बताया जा रहा है कि यह रिपोर्ट अस्पताल के ही एक डॉक्टर शुक्ला द्वारा बनाई गई।
फर्जी रिपोर्ट का यह खुलासा न सिर्फ अस्पताल की लापरवाही को उजागर करता है बल्कि यह भी साबित करता है कि मरीज और परिजनों को गुमराह किया गया। अब सवाल उठ रहा है कि कौन सी रिपोर्ट सही है और कौन सी फर्जी? और क्या बस्ती मेडिकल कॉलेज में जानबूझकर मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा है?

