बस्ती, 5 सितम्बर।
बाराबंकी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं पर हुए लाठीचार्ज और श्रीरामस्वरूप मेमोरियल विश्वविद्यालय से जुड़े विवादों को लेकर बस्ती जिले में गुरुवार देर शाम ABVP ने मशाल यात्रा निकाली। परिषद ने इसे छात्र हितों और शिक्षा व्यवस्था की शुचिता के लिए संघर्ष बताते हुए प्रशासन को कठोर चेतावनी दी।
यह यात्रा बस्ती विभाग कार्यालय से प्रारंभ होकर नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए शक्ति चौक तक पहुंची। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मशालें लेकर नारेबाज़ी करते हुए कहा कि छात्रों की आवाज़ दबाने की किसी भी साजिश को परिषद कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।

ABVP की चार प्रमुख माँगें
- लाठीचार्ज के दोषी पुलिसकर्मियों और बाहरी गुंडों की गिरफ्तारी – परिषद ने मांग की कि घटना में शामिल पुलिसकर्मियों और गुंडों पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जाए तथा यह स्पष्ट किया जाए कि किसके आदेश पर लाठीचार्ज हुआ।
- विश्वविद्यालय की गतिविधियों की जांच और सीलिंग – ABVP ने कहा कि विधि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ की तथ्यात्मक जांच हो। अवैध संचालन, शुल्क वसूली और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की पड़ताल कर दोषियों को दंडित किया जाए। जांच पूरी होने तक विश्वविद्यालय को सील करने की मांग की गई।
- FIR पर शीघ्र कार्रवाई – उच्च शिक्षा परिषद के सचिव द्वारा दर्ज कराई गई FIR के आधार पर विश्वविद्यालय के चांसलर, वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार समेत अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए।
- सरकारी भूमि से अवैध कब्जा हटे – परिषद ने याद दिलाया कि 25 अगस्त को तहसीलदार कोर्ट ने विश्वविद्यालय पर ₹27.96 लाख का जुर्माना लगाते हुए 15 दिन में कब्जा हटाने का आदेश दिया था। समयसीमा पूरी होने पर तत्काल बुलडोज़र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
परिषद कार्यकर्ताओं ने कहा कि यह आंदोलन केवल छात्रहित की रक्षा के लिए नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार और अवैध गतिविधियों से मुक्त कराने की लड़ाई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने समय रहते कड़ी कार्रवाई नहीं की तो आगामी दिनों में आंदोलन तेज़ होगा।

