28 अगस्त: पंजाब सरकार ने बाढ़ प्रभावित इलाकों में युद्धस्तर पर राहत और बचाव अभियान जारी रखने के लिए प्रशासनिक और विभागीय अधिकारियों को 24 घंटे ग्राउंड ज़ीरो पर तैनात रहने के निर्देश दिए हैं। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
मंगलवार को जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री लाल चंद कटारूचक ने पठानकोट और गुरदासपुर जिलों का दौरा कर हालात का जायज़ा लिया।
क्यों बिगड़े हालात?
मंत्री गोयल ने बताया कि हालिया स्थिति जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में लगातार भारी बारिश से बनी है, जिससे रणजीत सागर बांध अपनी पूरी क्षमता तक भर गया है।
- मंगलवार को बांध से 1,10,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया।
- इसके कारण रावी नदी का जलस्तर खतरनाक स्तर तक पहुँच गया।
- उझ और जलालिया नदियों में भी अभूतपूर्व प्रवाह दर्ज किया गया है।
बाढ़ से प्रभावित गाँव
पठानकोट जिले के नरोट जैमल सिंह और बामियाल ब्लॉक के अधिकांश गाँव पानी में डूब गए हैं।
- तास गाँव में सात लोगों का परिवार बाढ़ में फँसा हुआ है, जिनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए युद्धस्तर पर बचाव अभियान चल रहा है।
- तारागढ़ और नरोट जयमल सिंह गांवों के स्कूलों में सामुदायिक रसोई बनाई गई हैं।
- किरी खुर्द, कथलौर, तारागढ़, नरोट जैमल सिंह, खरखड़ा थुथोवाल, खोजकी चक, बामियाल, नंगल, पठानकोट, बनी लोधी और फिरोजपुर कलां सहित कई गाँवों में बचाव केंद्र स्थापित किए गए हैं।
सरकार की प्राथमिकताएँ
कैबिनेट मंत्रियों ने कहा कि सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं:
- जान-माल की सुरक्षा
- प्रभावित लोगों तक राहत सामग्री पहुँचाना
- किसानों को विशेष गिरदावरी कराकर उचित मुआवजा दिलाना
सरकार ने हेलीकॉप्टर भी तैनात किए हैं ताकि लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा सके।
गुरदासपुर में हालात
पठानकोट के बाद मंत्री गोयल ने गुरदासपुर जिले के रावी किनारे बसे गांवों का दौरा किया।
- ट्रैक्टर से यात्रा कर वे झबकरा गांव तक पहुँचे और राशन वितरित किया।
- गुरदासपुर जिले की दीनानगर तहसील के लगभग 15 गाँव बाढ़ की चपेट में हैं।
- बीएसएफ, भारतीय सेना, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की संयुक्त टीमों ने मंगलवार को जगोचक टांडा गाँव से 70 लोगों को सफलतापूर्वक निकाला।
मुख्यमंत्री की निगरानी
मंत्रियों ने कहा कि सभी कैबिनेट मंत्री और प्रशासनिक अधिकारी मुख्यमंत्री भगवंत मान के सीधे संपर्क में हैं। मुख्यमंत्री लगातार राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं और पहले ही प्रभावितों को मुआवजे की घोषणा कर चुके हैं।
सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और नदी किनारों से दूर रहने की अपील की है।

