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उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा, सियासी गलियारों में तेज हुई चर्चा, जानें इससे जुड़े पांच बड़े सवाल

नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस अचानक फैसले के बाद सियासी गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक अटकलों का बाजार गर्म है। हालांकि धनखड़ ने अपने इस्तीफे में स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया है, लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं। सरकार की ओर से भी अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ऐसे में आम लोगों से लेकर राजनीतिक विश्लेषकों तक के मन में कई सवाल उठ रहे हैं। जानिए इस समय सबसे ज्यादा पूछे जा रहे उन पांच सवालों के जवाब:

सवाल नंबर 1: जगदीप धनखड़ ने इस्तीफा क्यों दिया?

धनखड़ ने जो चिट्ठी जारी की है, उसमें उन्होंने सिर्फ अपने स्वास्थ्य कारणों का जिक्र किया है। उन्होंने किसी तरह के राजनीतिक दबाव या अन्य कारण का संकेत नहीं दिया। लेकिन अचानक लिया गया यह फैसला राजनीतिक हलकों में कई कयासों को जन्म दे रहा है। कुछ इसे आगामी राजनीतिक समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं।

सवाल नंबर 2: धनखड़ की जगह कौन बनेगा उपराष्ट्रपति?

फिलहाल किसी नाम पर मुहर नहीं लगी है, लेकिन बीजेपी के अंदरखाने यह चर्चा है कि किसी अनुभवी नेता को यह अहम जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस बीच राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह का नाम भी चर्चा में है। हालांकि अभी पार्टी या सरकार की ओर से कोई औपचारिक बयान नहीं आया है।

सवाल नंबर 3: धनखड़ के इस्तीफे के बाद राज्यसभा कैसे चलेगी?

राज्यसभा की कार्यवाही को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं है। संविधान के अनुसार, उपराष्ट्रपति के इस्तीफे या पद रिक्त होने की स्थिति में उपसभापति कार्यवाही का संचालन करते हैं। नए उपराष्ट्रपति के चुनाव तक संसद की जिम्मेदारी उपसभापति के पास रहेगी।

सवाल नंबर 4: क्या कोई कार्यवाहक उपराष्ट्रपति होगा?

इसका जवाब साफ है- नहीं। संविधान में कार्यवाहक उपराष्ट्रपति का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में यह पद खाली होते ही चुनाव प्रक्रिया शुरू करनी होती है। उपसभापति तब तक कार्यवाहक भूमिका निभाते हैं लेकिन संवैधानिक तौर पर उन्हें कार्यवाहक उपराष्ट्रपति नहीं कहा जाता।

सवाल नंबर 5: कैसे होते हैं उपराष्ट्रपति के चुनाव?

संविधान के अनुच्छेद 68 के तहत, उपराष्ट्रपति के पद पर मृत्यु, इस्तीफा, हटाए जाने या अन्य किसी वजह से रिक्ति होने पर चुनाव जल्द से जल्द कराना जरूरी है। अनुच्छेद 66 के मुताबिक, उपराष्ट्रपति का चुनाव संसद के दोनों सदनों के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली (प्रपोर्शनल रिप्रेजेंटेशन सिस्टम) से किया जाता है। वोटिंग में सिंगल ट्रांसफरेबल वोट सिस्टम का प्रयोग होता है।

अब देखना होगा कि सरकार कब तक इस पद के लिए चुनाव की तारीख तय करती है और बीजेपी सहित अन्य पार्टियां किसे मैदान में उतारती हैं।

Rishik Dwivedi
Rishik Dwivedi
Founder Member & Sub- Editor of NTF
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