नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक ऐतिहासिक और क्रांतिकारी फैसला लिया है। अब देश भर में दौड़ने वाली सभी यात्री ट्रेनों को ‘कैमरे की तीसरी आंख’ की पैनी निगरानी में लाया जाएगा। यह निर्णय 74,000 यात्री डिब्बों और 15,000 इंजनों को सीसीटीवी सुरक्षा कवच से लैस करने के लिए लिया गया है, जिसका सीधा मकसद ट्रेनों में होने वाले अपराधों पर लगाम कसना है।
रेल मंत्रालय के इस अभूतपूर्व कदम से ट्रेन में होने वाली चोरी, डकैती और अन्य आपराधिक घटनाओं में भारी कमी आने की उम्मीद है। हालांकि इस वृहद परियोजना के लिए कोई निश्चित समय-सीमा तय नहीं की गई है, लेकिन इसकी रूपरेखा पूरी तरह से तैयार है। प्रत्येक यात्री डिब्बे में 4 गुंबदनुमा (dome) सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे, जिसमें हर प्रवेश द्वार पर 2 कैमरे होंगे। इसी तरह, सभी इंजनों को 6 कैमरों से सुसज्जित किया जाएगा, जिनमें इंजन के भीतर, आगे, पीछे और दोनों तरफ एक-एक कैमरा शामिल होगा।
यह महत्वपूर्ण फैसला उत्तरी रेलवे नेटवर्क में किए गए सफल परीक्षणों के बाद लिया गया है, जहां सीसीटीवी कैमरों ने बेहद सकारात्मक परिणाम दिखाए। शनिवार को एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने इन परीक्षणों की प्रगति का जायजा लिया, जिसके बाद पूरे यात्री नेटवर्क में कैमरों की स्थापना पर अंतिम मुहर लगा दी गई।
रेलवे अत्याधुनिक और उच्च-गुणवत्ता वाले सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बना रहा है, जो 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति से चलने वाली ट्रेनों और कम रोशनी की स्थिति में भी बेहतरीन फुटेज कैप्चर कर सकेंगे। भविष्य में, रेलवे इंडिया एआई मिशन के सहयोग से इन कैमरों द्वारा रिकॉर्ड किए गए डेटा पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का उपयोग करने की संभावनाओं को भी तलाशेगा। एआई की मदद से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान करना और त्वरित कार्रवाई करना संभव हो सकेगा।
रेल मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि “बदमाश और संगठित गिरोह भोले-भाले यात्रियों को निशाना बनाकर उनका फायदा उठाते हैं।” इन कैमरों के लगने से ऐसी घटनाओं में निश्चित रूप से भारी कमी आएगी। यात्रियों की निजता का भी पूरा ध्यान रखा गया है; सीसीटीवी कैमरे केवल दरवाजों के पास सामान्य आवागमन वाले क्षेत्रों में ही लगाए जाएंगे, जिससे व्यक्तिगत गोपनीयता प्रभावित न हो।
यह कदम न केवल यात्रियों के मन से भय को दूर करेगा, बल्कि उन्हें एक सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव भी प्रदान करेगा। रेलवे की यह पहल देश भर के लाखों रेल यात्रियों के लिए एक नई सुबह लेकर आएगी।
अब सफर होगा ‘कैमरे की तीसरी आंख’ की निगरानी में: भारतीय रेलवे का ऐतिहासिक फैसला, सभी 74,000 डिब्बों और 15,000 इंजनों में लगेंगे CCTV कैमरे
RELATED ARTICLES

