गुरुग्राम, 11 जुलाई 2025: हरियाणा के गुरुग्राम में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ 25 वर्षीय नेशनल और इंटरनेशनल स्तर की टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की उसके पिता दीपक यादव ने कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। यह मामला पूरे देश में जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है, और गुरुग्राम पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
दिल दहला देने वाली वारदात
गुरुग्राम पुलिस के PRO संदीप कुमार ने शुक्रवार को बताया कि गुरुवार रात सेक्टर-56 स्थित एक निजी अस्पताल ने पुलिस स्टेशन को सूचना दी कि गोली लगने से घायल एक लड़की को अस्पताल लाया गया है। पुलिस के पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। जब पुलिस राधिका के घर पहुंची, तो यह खुलासा हुआ कि मृतका का नाम राधिका यादव है, और वह एक टेनिस अकादमी चलाती थी। पुलिस ने तत्काल उसके पिता दीपक यादव को गिरफ्तार कर लिया और मौके से हत्या में इस्तेमाल लाइसेंसी पिस्तौल भी जब्त कर ली।
पिता का कबूलनामा: आर्थिक संपन्नता और ‘सामाजिक ताने’
पुलिस पूछताछ में आरोपी पिता दीपक यादव ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या के पीछे का कारण बेटी के द्वारा टेनिस अकादमी चलाना बताया जा रहा है। दीपक यादव ने पुलिस को बताया कि वह आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्ति हैं और बिल्डर होने के नाते फ्लैट बनाकर किराए पर देते हैं। उनका मानना था कि उनकी बेटी को अकादमी चलाने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसी बात को लेकर पिता-पुत्री के बीच अक्सर तीखी बहस होती थी।
‘बेटी की कमाई खाने’ का ताना और गहरा होता विवाद
सूत्रों के अनुसार, दीपक यादव ने यह भी स्वीकार किया है कि उन्हें अक्सर लोग ताना मारते थे कि वह अपनी बेटी की कमाई पर जी रहे हैं। इन तानों से परेशान होकर दीपक ने राधिका से अकादमी बंद करने को कहा था, लेकिन राधिका ने उनकी बात नहीं मानी। इस मुद्दे पर उनके घर में काफी समय से कलह चल रही थी, जो अंततः इस दुखद घटना में बदल गई।
रिमांड और आगे की जांच
सेक्टर 56 पुलिस स्टेशन के एसएचओ इंस्पेक्टर विनोद कुमार ने बताया कि आरोपी पिता दीपक यादव को एक दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। उन्होंने बताया कि पुलिस को दीपक यादव के रेवाड़ी के पास एक गाँव में स्थित जमीन के प्लॉट से गोला-बारूद बरामद करना है। एसएचओ ने इस मामले में ऑनर किलिंग या प्रेम प्रसंग के किसी भी एंगल से इनकार किया है।
राधिका यादव: एक होनहार खिलाड़ी का दुखद अंत
राधिका यादव एक होनहार टेनिस खिलाड़ी थी। उसने नेशनल और इंटरनेशनल स्तर पर कई पदक जीते थे, जिससे उसकी प्रतिभा का अंदाजा लगाया जा सकता है। कुछ महीने पहले कंधे में चोट लगने के कारण उसने पेशेवर खेल से कुछ समय के लिए दूरी बनाई और गुरुग्राम में अपनी टेनिस अकादमी खोली, जहाँ वह लड़के-लड़कियों को टेनिस सिखाती थी। उसके अचानक चले जाने से खेल जगत और उसके चाहने वाले स्तब्ध हैं।
यह मामला एक बार फिर समाज में परिवारिक दबाव, पुरानी सोच और कथित “सम्मान” के नाम पर होने वाली हिंसा पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है, और उम्मीद है कि जल्द ही सभी पहलुओं का खुलासा होगा।

