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कोलकाता लॉ कॉलेज केस मामले में आया नया मोड़, पुलिस ने एक सिक्योरिटी गार्ड को किया गिरफ्तार

कोलकाता: साउथ कोलकाता स्थित एक प्रतिष्ठित लॉ कॉलेज में पढ़ने वाली प्रथम वर्ष की छात्रा के साथ गैंगरेप की सनसनीखेज घटना सामने आई है। आरोप है कि कॉलेज परिसर में ही संस्थान के एक पूर्व छात्र, दो वरिष्ठ छात्र और एक सुरक्षा गार्ड ने इस जघन्य अपराध को अंजाम दिया। कोलकाता पुलिस ने मुख्य आरोपी मोनोजीत मिश्रा समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। मोनोजीत मिश्रा तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद (TMCP) के दक्षिण कोलकाता जिला इकाई का आयोजन सचिव है और कॉलेज का पूर्व छात्र भी है।

पुलिस हिरासत में भेजे गए आरोपी

गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार, 27 जून को तीनों आरोपियों को अलीपुर अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 1 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। पुलिस ने यह भी पुष्टि की है कि दो अन्य आरोपी संस्थान के वर्तमान छात्र हैं और पीड़िता से वरिष्ठ हैं। कॉलेज प्रशासन की ओर से बताया गया कि मुख्य आरोपी मोनोजीत मिश्रा हाल ही में कॉलेज में अस्थायी गैर-शिक्षण कर्मचारी के रूप में 45 दिनों के अनुबंध पर कार्यरत था।

पीड़िता की मेडिकल जांच से पुष्टि

कोलकाता पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने पुष्टि की कि पीड़िता की मेडिकल जांच रिपोर्ट में उसके साथ सामूहिक बलात्कार की पुष्टि हुई है। वहीं, पीड़िता की ओर से न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष गोपनीय बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी जारी है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू, थाने के बाहर प्रदर्शन

घटना को लेकर राज्य की राजनीति में भी भूचाल आ गया है। विपक्षी दलों—वामपंथी मोर्चा, भाजपा, कांग्रेस और AIDSO ने राज्य सरकार को आड़े हाथों लेते हुए तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। शुक्रवार को कस्बा पुलिस थाने के बाहर इन दलों के समर्थकों और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कठोर सजा देने की मांग की।

मुख्य आरोपी खुद वकील, कई आपराधिक मामलों की पैरवी करता रहा

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि मुख्य आरोपी मोनोजीत मिश्रा खुद अलीपुर पुलिस और सत्र न्यायालय में आपराधिक मामलों का वकील है। इससे पूरे मामले को लेकर प्रशासनिक और न्यायिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

राष्ट्रीय महिला आयोग का संज्ञान

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने इस वीभत्स घटना का स्वतः संज्ञान लेते हुए कोलकाता पुलिस से तीन दिनों के भीतर विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट जमा करने को कहा है। आयोग ने मामले को गंभीर बताते हुए कहा है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाना चाहिए।

पुरानी घटना की याद ताज़ा

यह मामला पिछले वर्ष अगस्त में आरजी कर मेडिकल कॉलेज में एक प्रशिक्षु महिला डॉक्टर के साथ हुए बलात्कार और हत्या की वीभत्स घटना की भयावह यादों को ताज़ा कर देता है, जिसने तब भी पूरे बंगाल को झकझोर दिया था।

इस घटना ने राज्य की कानून व्यवस्था, खासकर शैक्षणिक परिसरों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है। अब देखना यह होगा कि पुलिस और प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और पारदर्शिता से काम करते हैं।

Rishik Dwivedi
Rishik Dwivedi
Founder Member & Sub- Editor of NTF
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