नई दिल्ली। यदि आप यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (CSE Prelims) की तैयारी कर रहे हैं, तो आपके लिए एक शानदार मौका है अपने स्टैटिक सिलेबस की जानकारी को परखने का। UPSC Essentials ने शुरू किया है विषयवार डेली क्विज़ का एक विशेष अभियान, जिससे आप इतिहास और संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषयों की गहराई से तैयारी कर सकें। यहां प्रस्तुत हैं इतिहास एवं संस्कृति पर आधारित 10 महत्वपूर्ण सवाल और उनके उत्तर, जो आपके आगामी परीक्षा की तैयारी में बेहद सहायक साबित हो सकते हैं।
प्रश्न 1
अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह के इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- अंडमान और निकोबार द्वीपों पर उपनिवेश स्थापित करने का प्रयास सबसे पहले 1755 में डैनिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने किया था।
- स्वतंत्रता से पहले के वर्षों में, विनायक दामोदर सावरकर, बरिंद्र कुमार घोष और बटुकेश्वर दत्त जैसे कई क्रांतिकारी और सक्रिय स्वतंत्रता सेनानियों को पोर्ट ब्लेयर की सेल्युलर जेल में कैद किया गया था।
- विभाजन के तुरंत बाद, द्वीपों में बड़ी मात्रा में भूमि विभाजन के शरणार्थियों को आवंटित की गई।
उपरोक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 2
(d) 1, 2 और 3
व्याख्या:
इसकी सामरिक महत्ता को देखते हुए, डैनिश ईस्ट इंडिया कंपनी ने 1755 में सबसे पहले इन द्वीपों पर उपनिवेश स्थापित करने का प्रयास किया था। निकोबार द्वीपों को डेनमार्क के उपनिवेश में बदल दिया गया था, जिसका नाम पहले “न्यू डेनमार्क” और बाद में “फ्रेडरिक्स आइलैंड्स” रखा गया। डचों के ईस्ट इंडीज़ में ताकत बढ़ने के साथ, ब्रिटिशों के लिए अंडमान द्वीपों की उपस्थिति व्यापारिक नेटवर्क पर नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण हो गई थी।
ये द्वीप स्वतंत्रता तक ब्रिटिशों के नियंत्रण में रहे, और फिर भारत सरकार को हस्तांतरित कर दिए गए और एक केंद्रशासित प्रदेश के रूप में स्थापित किए गए। स्वतंत्रता से पहले के वर्षों में, विनायक दामोदर सावरकर, बरिंद्र कुमार घोष और बटुकेश्वर दत्त जैसे कई क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानियों को पोर्ट ब्लेयर की सेल्युलर जेल में कैद किया गया था। स्वतंत्रता के समय जब उन्हें रिहा किया गया, तो मीडिया में उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया, हालांकि अंडमान के आदिवासी निवासियों को बहुत कम ध्यान दिया गया।
विभाजन के तुरंत बाद, अंडमान द्वीपों को पूर्वी पाकिस्तान से विस्थापित हिंदू परिवारों को बसाने के लिए चुना गया। इसके अनुसार, दक्षिण और मध्य अंडमान की बड़ी मात्रा में भूमि हजारों विभाजन शरणार्थियों को दी गई, जिससे कई बार स्थानीय जारवा समुदाय के साथ टकराव हुआ। आज अंडमान में बांग्लाभाषियों का एक बड़ा समुदाय इसी कारण मौजूद है।
इसलिए सही उत्तर है: (d) 1, 2 और 3
प्रश्न 2
1857 की क्रांति के नेताओं का उनके क्षेत्रों से मिलान करें:
| सूची I (नेता) | सूची II (क्षेत्र) |
|---|---|
| A. नाना साहेब | 1. लखनऊ |
| B. बेगम हज़रत महल | 2. झाँसी |
| C. वीर कुंवर सिंह | 3. कानपुर |
| D. रानी लक्ष्मीबाई | 4. भोजपुर |
| E. ख़ान बहादुर ख़ान | 5. रोहिलखंड |
सही मिलान चुनें:
(a) A-3, B-1, C-4, D-2, E-5
(b) A-1, B-3, C-5, D-4, E-2
(c) A-2, B-4, C-1, D-5, E-3
(d) A-3, B-2, C-4, D-1, E-5
व्याख्या:
1857 की विद्रोह, जिसे भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम भी कहा जाता है, 10 मई 1857 को शुरू हुआ। इस विद्रोह में भारतीय सिपाहियों ने ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारियों के खिलाफ विद्रोह किया। इसने भारत पर ईस्ट इंडिया कंपनी के शासन को समाप्त कर दिया और 1858 के रानी के घोषणा पत्र द्वारा शासन ब्रिटिश क्राउन को सौंपा गया।
इस विद्रोह में पूरे उत्तर भारत से विभिन्न नेता उठे। नाना साहेब (पेशवा बाजीराव द्वितीय के दत्तक पुत्र) ने कानपुर में नेतृत्व किया, बेगम हज़रत महल ने लखनऊ में, वीर कुंवर सिंह ने बिहार के भोजपुर क्षेत्र से, खान बहादुर खान ने रोहिलखंड में और रानी लक्ष्मीबाई ने झांसी में सिपाहियों का नेतृत्व किया।
मेरठ में विद्रोह भड़कने के बाद विद्रोही दिल्ली पहुंचे और मुग़ल सम्राट बहादुर शाह जफ़र को ‘हिंदुस्तान का सम्राट’ घोषित किया गया। बाद में बहादुर शाह ज़फ़र को गिरफ्तार किया गया और उन्हें रंगून निर्वासित कर दिया गया।
इसलिए सही उत्तर है: (a) A-3, B-1, C-4, D-2, E-5
प्रश्न 3
लैप्स का सिद्धांत (Doctrine of Lapse) के संदर्भ में निम्न कथनों पर विचार करें:
- यह सिद्धांत किसी दत्तक उत्तराधिकारी को राजगद्दी पर बैठने के अधिकार को नकारता था।
- इसका उपयोग सतारा, पंजाब, संबलपुर, झाँसी और नागपुर की रियासतों को ब्रिटिश साम्राज्य में मिलाने के लिए किया गया था।
- यह नीति लॉर्ड कैनिंग के कार्यकाल के दौरान शुरू की गई थी।
कौन सा/से कथन सही है/हैं?
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
व्याख्या:
‘लैप्स का सिद्धांत’ लॉर्ड डलहौज़ी द्वारा प्रस्तुत किया गया था, जो 1848–56 के दौरान भारत के गवर्नर-जनरल थे। इस नीति के तहत यदि किसी रियासत के शासक की मृत्यु बिना जैविक उत्तराधिकारी के हो जाती थी, तो वह राज्य स्वतः ही ब्रिटिश साम्राज्य में मिल जाता था।
इस नीति का प्रयोग सतारा (1848), पंजाब (1849), संबलपुर (1850), झाँसी और नागपुर (1854) को ब्रिटिश राज्य में मिलाने के लिए किया गया।
इसलिए सही उत्तर है: (b) 1 और 2
प्रश्न 4
स्वतंत्रता संग्राम में योगदान देने वाले निम्नलिखित व्यक्तियों और उनसे संबंधित आंदोलनों का मिलान करें:
| व्यक्ति | आंदोलन |
|---|---|
| A. राजा राम मोहन राय | 1. ब्रह्म समाज |
| B. ईश्वर चंद्र विद्यासागर | 2. विधवा पुनर्विवाह |
| C. दादाभाई नौरोजी | 3. ड्रेन थ्योरी |
| D. सैयद अहमद खान | 4. अलीगढ़ आंदोलन |
सही मिलान चुनें:
(a) A-1, B-2, C-3, D-4
(b) A-2, B-1, C-4, D-3
(c) A-1, B-2, C-4, D-3
(d) A-3, B-4, C-1, D-2
व्याख्या:
राजा राम मोहन राय को ब्रह्म समाज की स्थापना के लिए जाना जाता है, जिसने सामाजिक और धार्मिक सुधारों की नींव रखी।
ईश्वर चंद्र विद्यासागर विधवा पुनर्विवाह आंदोलन के प्रमुख समर्थक थे।
दादाभाई नौरोजी ने ‘ड्रेन थ्योरी’ (संपत्ति का ब्रिटेन में पलायन) का प्रतिपादन किया।
सैयद अहमद खान ने अलीगढ़ आंदोलन की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य मुसलमानों की शिक्षा और सामाजिक सुधार था।
इसलिए सही उत्तर है: (a) A-1, B-2, C-3, D-4
प्रश्न 5
भक्ति आंदोलन के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- भक्ति आंदोलन ने संस्कृत ग्रंथों को आम जनता तक पहुँचाने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं का प्रयोग किया।
- संत कबीर, भक्ति आंदोलन के दौरान एक प्रमुख व्यक्ति थे, जिन्होंने सामाजिक असमानता की आलोचना की।
- भक्ति आंदोलन पूरी तरह से वैदिक अनुष्ठानों और पुरोहित परंपराओं के पालन पर आधारित था।
नीचे दिए गए कूटों में से सही उत्तर चुनें:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
व्याख्या:
भक्ति आंदोलन ने लोगों को ईश्वर से सीधे जुड़ने की प्रेरणा दी, बिना किसी पुरोहित या अनुष्ठान के।
इसने क्षेत्रीय भाषाओं में रचनाएँ प्रस्तुत कर आम लोगों के बीच लोकप्रियता पाई।
संत कबीर ने जाति प्रथा और धार्मिक पाखंड की आलोचना की और एक निराकार ईश्वर की पूजा पर बल दिया।
कथन 3 गलत है क्योंकि आंदोलन वैदिक अनुष्ठानों पर आधारित नहीं था बल्कि उनसे दूर हटकर व्यक्तिगत भक्ति पर आधारित था।
इसलिए सही उत्तर है: (a) केवल 1 और 2
प्रश्न 6
संगीत और नाट्यकला से संबंधित प्राचीन भारतीय ग्रंथ ‘नाट्यशास्त्र’ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- नाट्यशास्त्र का श्रेय ऋषि भरतमुनि को दिया जाता है।
- इसमें नाट्यकला, नृत्य, संगीत और अभिनय के सिद्धांतों का विस्तृत विवरण है।
- यह ग्रंथ केवल धार्मिक अनुष्ठानों से संबंधित है और लौकिक (सांसारिक) नाट्यकला को संबोधित नहीं करता।
सही उत्तर चुनें:
(a) केवल 1
(b) केवल 1 और 2
(c) केवल 2 और 3
(d) 1, 2 और 3
व्याख्या:
भरतमुनि द्वारा रचित ‘नाट्यशास्त्र’ भारतीय कला परंपरा का एक प्रमुख ग्रंथ है।
यह ग्रंथ नाटक, संगीत, नृत्य, अभिनय, रंगमंच सज्जा, रस सिद्धांत आदि का गहन वर्णन करता है।
कथन 3 गलत है क्योंकि यह केवल धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है बल्कि जीवन के लौकिक और सामाजिक पहलुओं पर भी आधारित नाट्य को शामिल करता है।
इसलिए सही उत्तर है: (b) केवल 1 और 2
प्रश्न 7
अशोक के शासनकाल और उनके धर्म प्रचार से संबंधित निम्न कथनों पर विचार करें:
- अशोक ने बौद्ध धर्म को अपनाने के बाद केवल भारत में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी अपने धर्मदूत भेजे।
- उनके शिलालेखों में केवल बौद्ध धर्म की शिक्षा का उल्लेख मिलता है और किसी अन्य विषय पर नहीं।
- अशोक का ‘धम्म’ नैतिक मूल्यों और सामाजिक सद्भाव पर आधारित था।
सही उत्तर चुनें:
(a) केवल 1 और 3
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 2
(d) 1, 2 और 3
व्याख्या:
अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद बौद्ध धर्म अपनाया और नैतिकता आधारित ‘धम्म’ का प्रचार किया।
उन्होंने श्रीलंका, मिस्र, यूनान आदि देशों में भी अपने धर्मदूत भेजे।
कथन 2 गलत है, क्योंकि उनके शिलालेखों में केवल बौद्ध शिक्षा ही नहीं बल्कि प्रशासन, नैतिकता, पशु कल्याण आदि का भी वर्णन है।
इसलिए सही उत्तर है: (a) केवल 1 और 3
प्रश्न 8
निम्न में से कौन से स्थल को यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल घोषित किया गया है?
(a) अजंता गुफाएं
(b) विक्रमशिला विश्वविद्यालय
(c) कांचीपुरम का कैलाशनाथ मंदिर
(d) मथुरा संग्रहालय
व्याख्या:
अजंता गुफाएं, महाराष्ट्र में स्थित, यूनेस्को द्वारा 1983 में विश्व धरोहर स्थल घोषित की गई थीं। ये गुफाएं बौद्ध धर्म की चित्रकला और मूर्तिकला का अद्भुत उदाहरण हैं।
अन्य विकल्पों (b), (c), और (d) को अभी तक विश्व धरोहर स्थल घोषित नहीं किया गया है।
इसलिए सही उत्तर है: (a) अजंता गुफाएं
प्रश्न 9
गुप्त काल के बारे में निम्न कथनों पर विचार करें:
- गुप्त शासन को प्राचीन भारत का स्वर्ण युग कहा जाता है।
- इस काल में विज्ञान, गणित, ज्योतिष और साहित्य में उल्लेखनीय प्रगति हुई।
- गुप्त शासन के दौरान भारत में इस्लाम धर्म का व्यापक प्रसार हुआ।
सही उत्तर चुनें:
(a) केवल 1 और 2
(b) केवल 2 और 3
(c) केवल 1 और 3
(d) 1, 2 और 3
व्याख्या:
गुप्त काल (लगभग 320 से 550 ई.) को भारत का स्वर्ण युग कहा गया है।
इस काल में आर्यभट, कालिदास, चरक आदि ने उल्लेखनीय योगदान दिया।
कथन 3 गलत है, क्योंकि इस्लाम का भारत में आगमन 7वीं-8वीं सदी में हुआ, गुप्त काल से बहुत बाद में।
इसलिए सही उत्तर है: (a) केवल 1 और 2
प्रश्न 10
निम्नलिखित मंदिरों और उनकी वास्तुकला शैली का मिलान करें:
| मंदिर | वास्तुकला शैली |
|---|---|
| A. बृहदेश्वर मंदिर | 1. द्रविड़ शैली |
| B. सूर्य मंदिर, कोणार्क | 2. नागर शैली |
| C. कंदारिया महादेव | 3. चंदेला शैली |
सही मिलान चुनें:
(a) A-1, B-2, C-3
(b) A-2, B-1, C-3
(c) A-3, B-1, C-2
(d) A-1, B-3, C-2
व्याख्या:
- बृहदेश्वर मंदिर (तंजावुर, तमिलनाडु): द्रविड़ शैली
- सूर्य मंदिर (कोणार्क, ओडिशा): नागर शैली
- कंदारिया महादेव मंदिर (खजुराहो, मध्य प्रदेश): चंदेला शैली
इसलिए सही उत्तर है: (a) A-1, B-2, C-3

