नई दिल्ली: पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के साथ बढ़ते तनाव के बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को “नए और जटिल खतरों” के मद्देनज़र मॉक ड्रिल (आकस्मिक अभ्यास) आयोजित करने का निर्देश दिया है। यह अभ्यास 7 मई (बुधवार) को देशभर के 244 से अधिक चिन्हित सिविल डिफेंस जिलों में किया जाएगा, जिनमें वे जिले भी शामिल हैं जो विभिन्न प्रकार के खतरों के प्रति संवेदनशील माने जाते हैं।
यह पहली बार है जब 2001 में भारतीय संसद पर हुए आतंकी हमले के बाद की गई सैन्य तैनाती और ऑपरेशन पराक्रम के बाद इतने बड़े पैमाने पर देशव्यापी अभ्यास किया जा रहा है। गृह मंत्रालय के अनुसार, इस मॉक ड्रिल में एयर-रेड चेतावनी सायरनों का संचालन, नागरिकों को आत्मरक्षा और सिविल डिफेंस संबंधी प्रशिक्षण, बंकरों व खाइयों की सफाई जैसे उपाय शामिल होंगे।
इसके अतिरिक्त, अभ्यास के दौरान जरूरी औद्योगिक और रणनीतिक प्रतिष्ठानों को जल्दी से छिपाने (कैमूफ्लाज) की व्यवस्था, आपातकालीन बिजली कटौती (क्रैश-ब्लैकआउट), और सुरक्षित निकासी की योजनाओं को अद्यतन कर अभ्यास किया जाएगा। साथ ही भारतीय वायुसेना (IAF) के साथ हॉटलाइन और रेडियो संचार प्रणाली को सक्रिय कर उनकी कार्यक्षमता की जांच की जाएगी, कंट्रोल रूम और शैडो कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली का परीक्षण भी होगा।

यह अभ्यास भारत द्वारा 1962 के चीन युद्ध, 1965 और 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्धों की याद दिलाएगा। ऑपरेशन पराक्रम के दौरान भी इसी तरह के अभ्यास किए गए थे, जब भारत ने संसद पर आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान सीमा पर सैन्य तैनाती की थी और नौ महीने तक अंतरराष्ट्रीय सीमा व एलओसी पर तनावपूर्ण स्थिति बनी रही थी।

