Homeभारतकोविड वैक्सीन से विकलांगता का दावा: सुप्रीम कोर्ट ने दी हर्जाने के...

कोविड वैक्सीन से विकलांगता का दावा: सुप्रीम कोर्ट ने दी हर्जाने के लिए मुकदमे की सलाह

पहली खुराक के बाद विकलांगता का दावा करने वाले याचिकाकर्ता से सुप्रीम कोर्ट ने कहा– हर्जाने के लिए दीवानी मुकदमा करें

भारत का सर्वोच्च न्यायालय कोविड-19 टीकों, विशेष रूप से कोविशील्ड, के कथित दुष्प्रभावों से प्रभावित लोगों की याचिकाओं पर गंभीरता से विचार कर रहा है। 21 अप्रैल 2025 को, न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और ऑगस्टाइन जॉर्ज मसीह की पीठ ने एक महत्वपूर्ण मामले की सुनवाई की, जिसमें एक याचिकाकर्ता ने दावा किया कि कोविशील्ड टीके की पहली खुराक लेने के बाद उन्हें 100% निचले अंग की अक्षमता का सामना करना पड़ा। इस मामले ने टीकों के दुष्प्रभावों और प्रभावित लोगों के लिए न्याय की मांग को फिर से सुर्खियों में ला दिया।

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में केंद्र सरकार और कोविशील्ड के निर्माता, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, से चिकित्सा खर्चों की प्रतिपूर्ति और गरिमामय जीवन सुनिश्चित करने की मांग की थी। उनकी शारीरिक अक्षमता ने उनके जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित किया, जिसके लिए उन्होंने तत्काल राहत की गुहार लगाई। सुनवाई के दौरान, सर्वोच्च न्यायालय ने याचिकाकर्ता को सलाह दी कि वे याचिका को लंबित रखने के बजाय नुकसान के लिए दीवानी मुकदमा दायर करें। पीठ ने माना कि मुकदमा दायर करना अधिक प्रभावी होगा, क्योंकि यह प्रक्रिया तेजी से राहत प्रदान कर सकती है और याचिकाकर्ता के दावों की गहन जांच हो सकेगी।

न्यायालय का यह रुख दर्शाता है कि वह टीकों के दुष्प्रभावों से प्रभावित व्यक्तियों की शिकायतों को गंभीरता से ले रहा है, साथ ही कानूनी प्रक्रिया को त्वरित और पारदर्शी बनाने पर जोर दे रहा है। कोविशील्ड के दुष्प्रभावों को लेकर पहले भी बहस छिड़ चुकी है, खासकर जब एस्ट्राजेनेका ने स्वीकार किया कि यह टीका दुर्लभ मामलों में थ्रोम्बोसिस विद थ्रोम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम (TTS) का कारण बन सकता है।

यह मामला स्वास्थ्य नीतियों, टीकाकरण अभियानों और व्यक्तिगत अधिकारों के बीच संतुलन की आवश्यकता को रेखांकित करता है। सर्वोच्च न्यायालय का यह कदम प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हो सकता है, बशर्ते उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन हो।

Rishik Dwivedi
Rishik Dwivedi
Founder Member & Sub- Editor of NTF
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -spot_img

Most Popular

Recent Comments