नई दिल्ली, 13 फरवरी 2025: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के अखिल भारतीय महासंघ (AIFAWH) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय अधिवेशन ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर मई 2025 के पहले सप्ताह में अखिल भारतीय हड़ताल का आह्वान किया है। इस हड़ताल का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के नियमितीकरण और आईसीडीएस (ICDS) के संस्थागतकरण की मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाना है।
राष्ट्रीय अधिवेशन में ऐतिहासिक भागीदारी
दिल्ली में आयोजित इस राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर के 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से लगभग तीन हजार आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं शामिल हुईं। वे लाल वर्दी में एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में खड़ी रहीं। इस अधिवेशन का उद्घाटन सीआईटीयू के महासचिव तपन सेन ने किया। उन्होंने सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि मौजूदा सरकार श्रमिक विरोधी नीतियों को बढ़ावा देकर लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर कर रही है।

मुख्य मांगें और प्रस्ताव
सम्मेलन में विभिन्न वक्ताओं ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की मांगों को मजबूती से रखा। प्रोफेसर उत्सा पटनायक ने भारत में खाद्य सुरक्षा की स्थिति पर चिंता जताई, जबकि संसद सदस्यों वी शिवदासन, एए रहीम और जॉन ब्रिटास ने भी इस विषय पर अपने विचार रखे। महासचिव ए आर सिंधु ने मांगों के चार्टर और भविष्य की कार्ययोजना को प्रस्तुत किया। सम्मेलन के दौरान निम्नलिखित प्रमुख मांगों पर सहमति बनी:
- नियमितीकरण और वेतन वृद्धि: आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को 32,000 रुपये और सहायिकाओं को 26,000 रुपये प्रतिमाह न्यूनतम वेतन दिया जाए। सरकार ग्रेच्युटी और नियमितीकरण पर अदालतों के फैसलों को लागू करे।
- बच्चों के अधिकारों की रक्षा: छह वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल, शिक्षा एवं विकास (ECCD) का कानूनी अधिकार सुनिश्चित किया जाए और आंगनवाड़ी केंद्रों को इसकी नोडल एजेंसी बनाया जाए।
- संस्थागत सुदृढ़ीकरण: आईसीडीएस को मजबूत करने के लिए पर्याप्त वित्तीय आवंटन किया जाए। निजीकरण और कॉर्पोरेट हस्तक्षेप को रोका जाए।
- श्रमिक अधिकारों की सुरक्षा: श्रम संहिताओं को वापस लिया जाए, ईएसआई, पीएफ और पेंशन जैसी सुविधाएं प्रदान की जाएं।
- डिजिटलीकरण और केंद्रीकृत रसोई का विरोध: योजनाओं के लाभ के लिए आधार की अनिवार्यता को समाप्त किया जाए और केंद्रीकृत रसोई की शुरुआत को रोका जाए।
भविष्य की कार्ययोजना
अधिवेशन में आगे की रणनीति पर भी निर्णय लिया गया:
- मई 2025: केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के आह्वान पर अखिल भारतीय हड़ताल।
- अप्रैल 2025: पांच लाख हस्ताक्षरों के साथ राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
- 10 जुलाई 2025: एआईएफएडब्ल्यूएच मांग दिवस पर देशव्यापी लामबंदी।
- मई-नवंबर 2025: दो करोड़ हस्ताक्षरों का राष्ट्रव्यापी अभियान, जिसके बाद संसद तक मार्च और संभावित हड़ताल की जाएगी।
इस राष्ट्रीय अधिवेशन ने आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के आंदोलन को नई ऊर्जा दी है। अब देखना यह होगा कि सरकार उनकी मांगों पर कितना ध्यान देती है या नहीं। लेकिन यह तय है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो मई 2025 की हड़ताल देशव्यापी प्रभाव डालेगी।

