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दुबौलिया : शुकुलपुरा में कोटे के चुनाव में विवाद, रजिस्टर फाड़ने वाले समर्थकों के खिलाफ पुलिस की निष्क्रियता पर उठे सवाल

विकास खंड दुबौलिया के ग्राम पंचायत शुकुलपुरा में कोटे के चुनाव के दौरान एक गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया, जब चुनावी परिणामों के बाद हारने वाले प्रत्याशी के समर्थकों ने बेतहाशा गुंडागर्दी की

विकास खंड दुबौलिया के ग्राम पंचायत शुकुलपुरा में कोटे के चुनाव के दौरान एक गंभीर विवाद उत्पन्न हो गया, जब चुनावी परिणामों के बाद हारने वाले प्रत्याशी के समर्थकों ने बेतहाशा गुंडागर्दी की। चुनाव परिणामों की घोषणा के बाद हारे हुए प्रत्याशी गंगा प्रसाद और उनके समर्थकों ने खुलेआम पुलिस के सामने अधिकारियों के रजिस्टर को छीनकर फाड़ दिया। इस घटना ने कोटे के चुनाव के माहौल को गर्म कर दिया और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत शुकुलपुरा में कोटे को लेकर चुनाव प्रक्रिया चल रही थी, जिसमें जीतेंद्र कुमार को विजेता घोषित किया गया। ADO पंचायत संजय श्रीवास्तव ने चुनाव परिणामों की घोषणा की, जिसके बाद जीतेंद्र कुमार के समर्थकों में खुशी का माहौल बन गया। लेकिन गंगा प्रसाद और उनके समर्थक चुनाव परिणाम से नाराज हो गए और उन्होंने अपनी नाखुशी व्यक्त करने के लिए हिंसक रास्ता अपनाया।

घटना के दौरान गंगा प्रसाद के समर्थकों ने पंचायत कार्यालय में घुसकर रजिस्टर छीन लिया और उसे फाड़ दिया। इस दौरान पुलिस प्रशासन की पूरी टीम मौके पर मौजूद थी, लेकिन पुलिस ने घटना पर कोई त्वरित कार्रवाई नहीं की। यह देख हर कोई हैरान रह गया और पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल उठने लगे। समर्थक खुलेआम हिंसा करने के बाद भी पुलिस के द्वारा कोई कड़ी प्रतिक्रिया नहीं मिलने से लोग आश्चर्यचकित हैं।

घटना के बाद, ग्राम पंचायत शुकुलपुरा में माहौल तनावपूर्ण हो गया है। पुलिस प्रशासन पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, कि जब पुलिस घटनास्थल पर मौजूद थी, तो फिर उन्होंने ऐसे खुलेआम हो रहे उत्पात को काबू क्यों नहीं किया। यह घटना पंचायत चुनावों के दौरान एक गहरी चिंता का विषय बन चुकी है, क्योंकि इससे पंचायत चुनावों के निष्पक्ष और सुरक्षित संचालन पर भी सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता के कारण गांव में असमंजस का माहौल बन गया है और कोटे के चुनावों की निष्पक्षता पर भी असर पड़ सकता है। अब यह देखना बाकी है कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या एक्शन लेता है और दोषियों के खिलाफ क्या कदम उठाता है।

इस बीच, चुनाव परिणाम के बाद शुकुलपुरा में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने गांव में अतिरिक्त बल तैनात किया है। हालांकि, यह सवाल अब भी बना हुआ है कि अगर पुलिस पहले ही कड़ी कार्रवाई करती तो क्या इस तरह की घटना रोकी जा सकती थी?

समाज में ऐसी घटनाओं को लेकर गहरा आक्रोश फैल चुका है, और अब यह देखना होगा कि स्थानीय प्रशासन और पुलिस इस मामले में उचित कार्रवाई करेंगे या नहीं।

Rishik Dwivedi
Rishik Dwivedi
Founder Member & Sub- Editor of NTF
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