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बस्ती: श्री रामलला प्राण-प्रतिष्ठा के अवसर पर महर्षि गुरु वशिष्ठ आश्रम में भव्य धार्मिक आयोजन

बस्ती-गोरखपुर मार्ग से सटे महर्षि गुरु वशिष्ठ आश्रम में बुधवार को भव्य धार्मिक आयोजन किया गया, मंदिर के अध्यक्ष सतीश मिश्रा ने प्रभु श्री राम के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया

गोटवा, बस्ती: अयोध्या में श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के शुभ अवसर को लेकर पूरे देश में भक्ति और उल्लास का माहौल है। इसी क्रम में बस्ती-गोरखपुर मार्ग से सटे महर्षि गुरु वशिष्ठ आश्रम में बुधवार को भव्य धार्मिक आयोजन किया गया। मंदिर के अध्यक्ष सतीश मिश्रा ने प्रभु श्री राम के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे और भगवान श्री राम की पूजा-अर्चना में शामिल हुए।

सुंदरकांड पाठ ने भक्तों को किया अभिभूत

कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में मिंटू गायक टीम द्वारा सुंदरकांड पाठ का आयोजन शामिल रहा। पाठ के दौरान भक्तों ने भक्ति में डूबकर प्रभु श्री राम की महिमा का गायन किया। सुंदरकांड पाठ ने पूरे माहौल को भक्तिमय बना दिया और श्रद्धालुओं ने इसे एक यादगार अनुभव बताया।

प्रसाद वितरण

आयोजन के अंत में भक्तों के लिए प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और प्रभु श्री राम का आशीर्वाद प्राप्त किया। आश्रम में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना के साथ-साथ प्रसाद ग्रहण कर आयोजन को सफल बनाया।

आयोजन में प्रमुख हस्तियां और श्रद्धालु

इस आयोजन में क्षेत्र के कई प्रमुख व्यक्तित्वों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। इनमें शालिग्राम त्रिपाठी, प्रशांत मिश्रा, संतोष मिश्रा, राकेश मिश्रा, बद्री प्रसाद मिश्र, वंशराज, विकास मिश्रा, अजय मिश्रा, आशुतोष मिश्र, अविनाश मिश्रा, उपेंद्र मिश्रा, आलोक मिश्रा, गुरुदत्त मिश्रा, सहती चौधरी और गोटवा बस्ती के समस्त वासी शामिल रहे।

अयोध्या की प्राण-प्रतिष्ठा से जुड़ी भावना

श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा का आयोजन हर रामभक्त के लिए गर्व और श्रद्धा का अवसर है। इस आयोजन को भक्ति और एकता का प्रतीक बताया। महर्षि गुरु वशिष्ठ आश्रम में आयोजित यह कार्यक्रम न केवल धार्मिक भावना को बल देता है, बल्कि क्षेत्र के लोगों को जोड़ने का एक बड़ा माध्यम भी है।

समर्पण और भक्ति का संदेश

इस आयोजन ने यह साबित किया कि भगवान श्री राम के प्रति श्रद्धा और भक्ति हर हृदय में समान रूप से विद्यमान है। यह आयोजन न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान था, बल्कि समाज में एकता, प्रेम और समर्पण का संदेश भी लेकर आया।

(धार्मिक आयोजनों से जुड़ी खबरों के लिए जुड़े रहें NTF के साथ )

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