आज भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और स्वतंत्रता संग्राम के महानायक लाल बहादुर शास्त्री जी की पुण्यतिथि पर पूरे देशभर में उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किया गया। इस अवसर पर शास्त्री चौक पर आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।
देश को संकट से उबारने वाले महानायक
इस अवसर पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता राकेश पांडेय गांधियन ने शास्त्री जी के योगदान को याद करते हुए कहा, “शास्त्री जी ने ऐसे कठिन समय में देश की कमान संभाली, जब देश को अकाल और युद्ध जैसे गंभीर संकटों का सामना करना पड़ा। उन्होंने अपनी दूरदर्शिता और धैर्य से न केवल इन चुनौतियों का मुकाबला किया, बल्कि ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देकर देश को नई दिशा दी। उनके नेतृत्व में भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया और अपनी ताकत का एहसास कराया। उनकी असमय मृत्यु से देश को अपूरणीय क्षति हुई।”
किसानों और जवानों पर भरोसे से बना भारत मजबूत
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अवधेश सिंह ने अपने संबोधन में कहा, “शास्त्री जी ने देश के किसानों और जवानों की ताकत पर भरोसा करके भारत को मुश्किल परिस्थितियों से बाहर निकाला। उनका जीवन और कार्य देशवासियों को हमेशा प्रेरणा देते रहेंगे। उनकी सादगी और निष्ठा ने हर भारतीय के दिल में एक विशेष स्थान बनाया।”
कार्यक्रम में उमड़ा जनसैलाब
शास्त्री चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम में कांग्रेस के कई प्रमुख नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। साधू शरण आर्या, अतिउल्लाह सिद्दीकी, राजेंद्र गुप्ता, डॉक्टर मारूफ अली और रामधीरज चौधरी सहित अन्य लोग भी उपस्थित रहे। सभी ने शास्त्री जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उनकी महानता को नमन किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि शास्त्री जी के आदर्श और उनके बताए हुए रास्ते आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उनके नेतृत्व और सादगी का अनुसरण करके हम भारत को सशक्त और स्वावलंबी बना सकते हैं।
जय जवान, जय किसान का नारा आज भी प्रासंगिक
लाल बहादुर शास्त्री जी के ‘जय जवान, जय किसान’ के नारे ने न केवल उस समय देश को एकजुट किया बल्कि आज भी यह हर भारतीय को प्रेरित करता है। उनकी पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सभी ने उनके सपनों का भारत बनाने की शपथ ली।
यह कार्यक्रम उनके आदर्शों और बलिदानों को जन-जन तक पहुंचाने का एक सार्थक प्रयास साबित हुआ।


