छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में निडर और साहसी पत्रकार मुकेश चंद्राकर की निर्मम हत्या ने पूरे देश में आक्रोश फैला दिया है। इस घटना को लेकर उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले के पत्रकारों ने एकजुट होकर निंदा व्यक्त की और राष्ट्रपति के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। उन्होंने पीड़ित परिवार के लिए न्याय और पत्रकारों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम की मांग की।

घटना पर कड़ा रोष
मुकेश चंद्राकर, जो “बस्तर जंक्शन” वेब पोर्टल के संस्थापक और विभिन्न समाचार चैनलों के संवाददाता थे, उनकी हत्या को भ्रष्ट प्रशासन और आपराधिक संगठनों के गठजोड़ का परिणाम बताया जा रहा है। बस्ती के पत्रकारों ने इसे लोकतंत्र और पत्रकारिता पर सीधा हमला करार दिया है।
ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें
बस्ती के पत्रकारों ने अपनी मांगों को स्पष्ट रूप से ज्ञापन में लिखा है:
1. आरोपियों की गिरफ्तारी और फास्ट ट्रैक कोर्ट में न्याय: हत्या के आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सख्त सजा देने की मांग की गई।
2. आर्थिक और राजनीतिक गठजोड़ की जांच: आरोपियों के आय के स्रोत और उनके प्रशासनिक व राजनीतिक गठजोड़ की जांच के लिए सक्षम एजेंसी नियुक्त करने की मांग की गई।
3. पीड़ित परिवार को सहायता: मृतक पत्रकार के परिवार को 50 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की अपील की गई।
4. पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए: पत्रकार उत्पीड़न की घटनाओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने की मांग की गई।

लोकतंत्र पर हमला
पत्रकारों ने कहा कि यह घटना न केवल पत्रकारिता पर हमला है, बल्कि लोकतंत्र की नींव को भी कमजोर करती है। संविधान ने पत्रकारिता को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ माना है, लेकिन ऐसी घटनाओं से निडर और पारदर्शी पत्रकारिता खतरे में पड़ रही है।
श्रद्धांजलि और राष्ट्रपति से अपील
बस्ती के पत्रकारों ने मुकेश चंद्राकर को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। उन्होंने राष्ट्रपति से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की अपील की।
ज्ञापन सौंपने में शामिल पत्रकार
इस ज्ञापन को सौंपने में प्रमुख रूप से शामिल पत्रकार थे:
• बबुंदर यादव – इंडिया वाइस
• सिद्धार्थ चौहान – दैनिक भास्कर
• कमलेंद्र पटेल – दैनिक भास्कर
• सज्जाद रिज़वी – हिंदुस्तान
• के.के. त्रिपाठी – नजरिया बस्ती का
• वेदिक द्विवेदी – नजरिया बस्ती का
• ऋषिक द्विवेदी – नजरिया बस्ती का
• विंदेश यादव – एक्सप्रेस न्यूज लाइव
• दिलीप – आज का आतंक
• रामू – माकपा
• सत्येंद्र नाथ श्रीवास्तव – जन मोर्चा
• बृजेश कुमार पाण्डेय – जन मोर्चा
• लवकुश यादव – विधान केसरी
• अवधेश सिंह – जनौस
• शिवचरण – जनौस
• विनोद आर्य – जनौस
• नीरज चौधरी – जनौस
• आराधना यादव – जनौस
• अंचल गौतम – जनौस
• मंजू पांडेय – जनौस
• संदीप गोयल – ख़्वाजा एक्सप्रेस
• रहमान – न्यूज 18
• वसीम अहमद – न्यूज 18
• कमलेश सिंह – न्यूज 18
• पारस नाथ मौर्य – न्यूज 18
• विवेक सिंह – पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष
• धर्मेंद्र पाण्डेय – स्वतंत्र पत्रकार
• रजनीश त्रिपाठी – स्वतंत्र पत्रकार
• सुनील मिश्रा – स्वतंत्र पत्रकार
• राकेश गिरी – स्वतंत्र पत्रकार
• पुनीत दत्त ओझा – स्वतंत्र पत्रकार
• जीतेंद्र कुमार – स्वतंत्र पत्रकार
• वशिष्ठ पाण्डेय – स्वतंत्र पत्रकार
इस घटना ने पूरे देश के पत्रकारों और जागरूक नागरिकों को झकझोर दिया है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि प्रशासन और सरकार इस गंभीर मुद्दे पर क्या कदम उठाते हैं।

