बस्ती, 3 जनवरी: जिला पंचायत सभागार में स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा के कूड़े में पाए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। शुक्रवार को जिला कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान उपाध्यक्ष गिरजेश पाल के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी सुनिष्ठा सिंह को सौंपा। कांग्रेस ने जिला पंचायत के अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि महात्मा गांधी की प्रतिमा को सम्मानपूर्वक पुनः स्थापित नहीं किया गया, तो बड़ा आंदोलन होगा।
घटना का विवरण:
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत सभागार के नवनिर्माण के दौरान महात्मा गांधी की प्रतिमा को अनादरपूर्वक कूड़े में फेंक दिया गया। घटना से नाराज पार्टी नेताओं ने इसे बापू का अपमान बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेता गिरजेश पाल ने कहा, “यह घटना न केवल महात्मा गांधी का अपमान है, बल्कि हमारी राष्ट्रीय अस्मिता पर भी प्रहार है। यदि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई, तो कांग्रेस कार्यकर्ता अनशन पर बैठने को मजबूर होंगे।”
कांग्रेस नेताओं की प्रमुख मांगें:
कांग्रेस नेताओं ने ज्ञापन में मांग की है कि जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी, अवर अभियंता और ठेकेदार के खिलाफ समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि महात्मा गांधी की प्रतिमा को तत्काल सम्मानजनक तरीके से उचित स्थान पर स्थापित किया जाए।
कांग्रेस नेताओं का विरोध:
कांग्रेस नेता बाबूराम सिंह, राकेश पांडेय गांधियन, राम बचन भारती, अतीउल्ला सिद्दीकी, अवधेश सिंह, महेंद्र श्रीवास्तव और डॉ. मारूफ अली ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि विरोध के बाद जिला पंचायत प्रशासन ने तीन दिन का समय मांगा था, लेकिन अब तक किसी अधिकारी या ठेकेदार पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कांग्रेस नेताओं ने राष्ट्रीय नेतृत्व को दी जानकारी:
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि इस घटना की जानकारी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और राष्ट्रीय नेतृत्व को दी गई है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने दोषियों पर कार्रवाई नहीं की, तो प्रदेश स्तर पर भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रदर्शन में शामिल लोग:
ज्ञापन देने वालों में बाबूराम सिंह, राकेश पांडेय गांधियन, राम बचन भारती, अतीउल्ला सिद्दीकी, अवधेश सिंह, महेंद्र श्रीवास्तव और डॉ. मारूफ अली, चंद्र प्रकाश पाठक, अब्दुल समद, आशुतोष पांडेय, साधू पांडेय, और मोहम्मद रफीक खां समेत कई कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे।
महात्मा गांधी की प्रतिमा से जुड़ा यह विवाद राजनीतिक रूप से गरमा चुका है। कांग्रेस ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो पार्टी कार्यकर्ता सड़कों पर उतरने से नहीं हिचकेंगे। मामला अब प्रशासन की साख और कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़ा कर रहा है।


