बस्ती। जिले के कलवारी थाना क्षेत्र स्थित सिगही गांव में शनिवार रात मामूली कहासुनी ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। इस झगड़े में पट्टीदारों ने एक परिवार पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिसमें 30 वर्षीय सुभाष चंद्र की मौत हो गई, जबकि उनकी वृद्ध मां पार्वती गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया। मौके पर पहुंचे पुलिस अधीक्षक गोपाल कृष्ण चौधरी ने हालात का जायजा लिया और गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया है।
क्या हुआ घटना के दिन?
शनिवार रात सुभाष चंद्र अपने घर के बाहर बैठे थे। उनके साथ पट्टीदार भी मौजूद थे, और बताया जा रहा है कि सभी ने शराब का सेवन किया हुआ था। बातचीत के दौरान किसी बात पर कहासुनी हो गई, जो धीरे-धीरे हिंसक झगड़े में बदल गई। बात इतनी बढ़ गई कि पट्टीदारों ने सुभाष चंद्र पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया।
सुभाष की चीख-पुकार सुनकर उनकी वृद्ध मां पार्वती बचाने आईं, लेकिन हमलावरों ने उन्हें भी नहीं बख्शा। पार्वती के सिर पर डंडे से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गईं।
अस्पताल में तोड़ा दम
घायल सुभाष और उनकी मां को परिजन आनन-फानन में सीएचसी गायघाट ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हालांकि, इलाज के दौरान सुभाष चंद्र ने दम तोड़ दिया। उनकी मां की हालत अब भी गंभीर बनी हुई है।
सुभाष चंद्र का परिवार
सुभाष चंद्र मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनके दो छोटे बच्चे हैं। पिता की मौत पहले ही हो चुकी थी, और उनकी मां पार्वती कभी सुभाष के साथ, तो कभी उनके भाई के पास रहती थीं। सुभाष ने हाल ही में अपना घर बनवाया था और वहीं परिवार के साथ रहते थे। उनकी मौत ने बच्चों के सिर से पिता का साया और पत्नी के मांग का सिंदूर छीन लिया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही एसपी गोपाल कृष्ण चौधरी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के परिजनों से पूछताछ की और गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद सिगही गांव में तनाव व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि यह विवाद शराब पीने के दौरान शुरू हुआ था, लेकिन इतनी बड़ी घटना की किसी ने कल्पना नहीं की थी।सुभाष की मौत ने उनके परिवार को गहरे संकट में डाल दिया है। अब उनकी मां पार्वती गंभीर हालत में अस्पताल में हैं, जबकि उनके बच्चों और पत्नी के भविष्य को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं।

