बस्ती।
बस्ती के मेडिकल कॉलेज ओपेक के कैली अस्पताल में एक्सरे विभाग में अव्यवस्थाएं चरम पर हैं। मरीजों और उनके परिजनों ने आरोप लगाया है कि यहां डॉक्टरों के आदेश के बावजूद एक्सरे नहीं किए जा रहे हैं। एक्सरे टेक्नीशियन सी.पी. शुक्ला पर मनमानी और मरीजों को वापस भेजने का आरोप है।
पीड़ित धर्मवीर ने बताया कि उनकी 10 वर्षीय बीमार बेटी का डॉक्टर ने एक्सरे लिखकर दिया, लेकिन जब वह विभाग पहुंचे, तो टेक्नीशियन ने यह कहते हुए मना कर दिया कि “डॉक्टर के लिखने से एक्सरे नहीं होगा, जब तक हम नहीं लिखेंगे।” धर्मवीर ने मुख्यमंत्री और अन्य उच्चाधिकारियों से भी शिकायत की है।
मरीजों को हो रही परेशानी:
ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां मरीजों को डॉक्टरों के आदेश के बावजूद एक्सरे नहीं किया गया। रमेश नाम के एक मरीज ने भी आरोप लगाया कि पैर के एक्सरे के लिए घंटों इंतजार के बाद टेक्नीशियन ने उन्हें वापस कर दिया। मरीज लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है।
टेक्नीशियन की मनमानी:
- टेक्नीशियन सी.पी. शुक्ला पर आरोप है कि वह डॉक्टरों के आदेश को दरकिनार कर मरीजों को सीधे मना कर देते हैं।
- मरीजों का आरोप है कि घूस लेने पर ही एक्सरे किया जाता है।
- पिछले 10 वर्षों से इस विभाग में तैनात सी.पी. शुक्ला की मनमानी के चलते मरीज परेशान हैं।
प्रशासन और सरकार की चुप्पी पर सवाल:
मरीजों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की है। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और संबंधित अधिकारी इन समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं।
धर्मवीर की शिकायत:
धर्मवीर ने कहा, “जब मैंने अपनी बेटी के इलाज के लिए एक्सरे कराने की कोशिश की, तो टेक्नीशियन ने सीधे मना कर दिया। वह कहने लगा कि व्यवस्था हम देखते हैं, डॉक्टर के लिखने से कुछ नहीं होगा।”
घूसखोरी के आरोप:
मरीजों का आरोप है कि जिनसे घूस मिलती है, सिर्फ उन्हीं का एक्सरे होता है। टेक्नीशियन की इस रवैया से मरीजों में आक्रोश है।
सरकार और स्वास्थ्य विभाग पर सवाल:
सरकार स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, लेकिन मेडिकल कॉलेज बस्ती की यह स्थिति इस व्यवस्था को ध्वस्त कर रही है। प्रदेश के डिप्टी सीएम और स्वास्थ्य मंत्री के विभाग के तहत चल रहे इस मेडिकल कॉलेज में अव्यवस्थाओं और भ्रष्टाचार के आरोपों से मरीजों का विश्वास टूट रहा है।
क्या होगी कार्रवाई?
अब सवाल उठता है कि क्या एक्सरे टेक्नीशियन सी.पी. शुक्ला पर कोई कार्रवाई होगी, या यह मामला भी फाइलों में दब जाएगा। मरीजों ने मुख्यमंत्री और अन्य उच्च अधिकारियों से अपील की है कि इस मामले में सख्त कदम उठाए जाएं।
बस्ती मेडिकल कॉलेज में चल रही इस तरह की अव्यवस्थाएं न केवल मरीजों के लिए हानिकारक हैं, बल्कि सरकार की स्वास्थ्य सुविधाओं की साख पर भी सवाल खड़े करती हैं। अब देखना है कि इस मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है।

