बस्ती, 17 दिसंबर। कांग्रेस पार्टी द्वारा 18 दिसंबर को प्रदेश विधानसभा का घेराव करने की घोषणा के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में हलचल मच गई है। योगी सरकार ने कांग्रेस की इस योजना को विफल करने के लिए पुलिस बल को अलर्ट मोड पर रखा है। कई जिलों से कांग्रेस नेताओं को हाउस अरेस्ट किए जाने की खबरें सामने आ रही हैं।
बस्ती में कांग्रेस अध्यक्ष हाउस अरेस्ट
बस्ती जिले में कांग्रेस के जिला अध्यक्ष ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ‘ज्ञानू’ ने खुद के हाउस अरेस्ट होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि आज सुबह रौता चौकी प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मी उनके आवास पर पहुंचे और उन्हें हाउस अरेस्ट किए जाने की जानकारी दी।
ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ने इसे सरकार की दमनकारी नीति करार देते हुए कहा, “योगी सरकार सच का सामना करने से डरती है। कांग्रेस पार्टी का हर कार्यकर्ता सरकार की इन नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने में सक्षम है।” उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता की आवाज है और इसे किसी भी कीमत पर दबाया नहीं जा सकता।
हाउस अरेस्ट की बढ़ती घटनाएं
सिर्फ बस्ती ही नहीं, बल्कि अन्य जिलों से भी कांग्रेस नेताओं के हाउस अरेस्ट की सूचनाएं मिल रही हैं। सिद्धार्थनगर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष काजी सुहेल अहमद को भी हाउस अरेस्ट कर लिया गया है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं को घरों में नजरबंद किया गया है ताकि वे लखनऊ में आयोजित विधानसभा घेराव में शामिल न हो सकें।
घेराव के मुद्दे
कांग्रेस पार्टी का यह विरोध प्रदर्शन प्रदेश में बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई, महिलाओं पर अत्याचार, समुदाय विशेष के उत्पीड़न और सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद जारी बुलडोजर एक्शन जैसे मुद्दों पर केंद्रित है। पार्टी नेताओं का कहना है कि योगी सरकार इन गंभीर मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है।
ज्ञानेन्द्र पाण्डेय ने कहा, “यह घेराव जनता की आवाज को बुलंद करने के लिए है। भाजपा सरकार अपनी दमनकारी नीतियों के जरिए इसे रोकने की कोशिश कर रही है, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता सरकार के हर कदम का मजबूती से सामना करेंगे।”
पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
कांग्रेस नेताओं ने हाउस अरेस्ट को लोकतांत्रिक मूल्यों का उल्लंघन बताया है। उन्होंने कहा कि यह कदम सरकार की घबराहट को दर्शाता है। पार्टी नेताओं ने सरकार पर जनता की आवाज दबाने का आरोप लगाते हुए इसे अलोकतांत्रिक बताया।
जनता में असंतोष
योगी सरकार के खिलाफ बढ़ते असंतोष के बीच कांग्रेस का यह आंदोलन प्रदेश की जनता के बीच खासा चर्चा का विषय बन गया है। जनता ने भी इन मुद्दों पर सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाए हैं।
आगे की रणनीति
कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि सरकार की कार्रवाई उनके आंदोलन को नहीं रोक सकती। पार्टी ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से विरोध को तेज करने की रणनीति बनाई है।
कांग्रेस का विधानसभा घेराव योगी सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनता जा रहा है। हालांकि, सरकार ने इसे विफल करने के लिए सख्त कदम उठाए हैं, लेकिन जनता के बीच इस घटना ने गहरे प्रभाव छोड़े हैं।

