गोवा: गोवा के उत्तर पश्चिम में स्थित अरब सागर में बीते हफ्ते भारतीय नौसेना की पनडुब्बी और मछली पकड़ने वाली नाव के बीच हुई टक्कर के बाद लापता दो नाविकों के शव गोवा तट के पास बरामद किए गए हैं। यह घटना तब हुई थी जब मछली पकड़ने वाली नाव, मार्थोमा, भारतीय नौसेना की पनडुब्बी से टकरा गई थी, जिसके परिणामस्वरूप नाव पर सवार 13 सदस्यीय चालक दल में से 11 लोगों को बचा लिया गया था, जबकि दो लोग लापता हो गए थे।
नाव की टक्कर और बचाव अभियान
मछली पकड़ने वाली नाव मार्थोमा गोवा तट से लगभग 70 नौटिकल माइल दूर भारतीय नौसेना की पनडुब्बी से टकराई थी। इस टक्कर के तुरंत बाद, भारतीय तटरक्षक बल और नौसेना ने एक बड़े स्तर पर बचाव अभियान शुरू किया। 11 नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था, लेकिन दो नाविकों की तलाश जारी थी। नौसेना और तटरक्षक बल के अधिकारियों ने एक हफ्ते तक समुद्र में तलाशी अभियान चलाया, और गुरुवार को नाव के मलबे के पास समुद्र की गहराई से दोनों नाविकों के शव बरामद किए गए।
तलाशी अभियान और रेस्क्यू ऑपरेशन
भारतीय तटरक्षक बल, भारतीय नौसेना और ओएनजीसी (Oil and Natural Gas Corporation) के सहयोग से तलाशी अभियान चलाया गया था। MRCC (मुंबई) के समन्वय से रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए अतिरिक्त संसाधनों को भेजा गया। तलाशी के दौरान, नाव के मलबे के पास दोनों लापता नाविकों के शव मिल गए। इन शवों को अधिकारियों को सौंप दिया गया है, और आगे की प्रक्रिया जारी है।
नौसेना द्वारा जांच की घोषणा
नौसेना के अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के कारणों की जांच की जाएगी। नौसेना ने कहा है कि सभी संबंधित एजेंसियां मिलकर इस हादसे की तह तक जाएंगी, ताकि ऐसी घटनाओं को भविष्य में टाला जा सके।
नाव का नाम और चालक दल
मछली पकड़ने वाली नाव “मार्थोमा” पर कुल 13 लोग सवार थे, जिनमें से 11 को बचा लिया गया था। इस दुर्घटना के बाद से नाविकों के परिवारों में शोक की लहर दौड़ गई है, क्योंकि दो परिवारों ने अपने प्रियजनों को खो दिया है।
यह घटना समुद्र में सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती है, और विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाओं के कारणों की जांच और समुद्री सुरक्षा की व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है।

