बस्ती। परिवहन विभाग ने बकाएदार वाहन स्वामियों को राहत देने के लिए एक विशेष योजना शुरू की है। जिले में पंजीकृत सात हजार से अधिक कॉमर्शियल वाहनों पर लगी लगभग 8 करोड़ रुपये की पेनॉल्टी माफ कर दी जाएगी। अब वाहन स्वामी केवल टैक्स का मूलधन जमा कर पेनॉल्टी से बच सकते हैं। यह योजना केवल तीन माह के लिए लागू की गई है।
एआरटीओ प्रशासन पंकज सिंह ने बताया कि योजना के तहत बकाएदार निर्धारित पंजीकरण फीस के साथ आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण प्रक्रिया सोमवार से शुरू हो चुकी है।
18 करोड़ का बकाया टैक्स और बढ़ती पेनॉल्टी का बोझ
जिले के करीब सात हजार कॉमर्शियल वाहन, जिनमें बस, ट्रक, ऑटो, जीप आदि शामिल हैं, पर कुल 18 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है। बकाया न चुकाने पर वाहन स्वामियों पर हर माह 5% ब्याज दर से पेनॉल्टी लगती रही, जो अब बढ़कर 8 करोड़ रुपये तक पहुंच चुकी है। कई मामलों में पेनॉल्टी का आंकड़ा मूल टैक्स के बराबर हो चुका था, जिससे वाहन स्वामी टैक्स चुकाने में असमर्थ हो गए थे।
योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया
- पंजीकरण शुल्क:
- हल्के मोटर वाहन (सकल यान भार 7500 किग्रा. तक): 200 रुपये
- अन्य वाहनों के लिए: 500 रुपये
- प्रक्रिया:
- एआरटीओ कार्यालय में निर्धारित शुल्क जमा कर पंजीकरण कराना होगा।
- पंजीकरण के बाद पेनॉल्टी माफ कर दी जाएगी।
- वाहन स्वामी को केवल टैक्स का मूलधन एकमुश्त जमा करना होगा।
न्यायालयों में लंबित मामलों के लिए भी राहत
जिन वाहन स्वामियों के मामले न्यायालयों या उप परिवहन आयुक्तों के समक्ष लंबित हैं, वे भी इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। ऐसे वाहन स्वामी संबंधित प्राधिकरण के समक्ष आवेदन कर वाद समाप्त कर सकते हैं।
सीज वाहन स्वामियों के लिए अवसर
जिन वाहनों को बकाया टैक्स के कारण सीज किया जा चुका है, उनके स्वामी भी इस योजना का लाभ उठाकर वाहन पुनः प्राप्त कर सकते हैं।
यह योजना वाहन स्वामियों के लिए बड़ी राहत लेकर आई है। लंबे समय से पेनॉल्टी और टैक्स के बोझ तले दबे वाहन मालिक अब अपने टैक्स दायित्वों को आसानी से पूरा कर सकते हैं। योजना की तीन माह की समय सीमा को देखते हुए, समय पर आवेदन करना बेहद जरूरी है।
(ज्यादा जानकारी के लिए संपर्क करें: एआरटीओ कार्यालय)

