प्रयागराज: प्रदेश के कैबिनेट मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता नन्दी के अकाउंटेंट रितेश श्रीवास्तव से साइबर ठगों ने 2.08 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। यह मामला तब सामने आया जब ठगों ने मंत्री के बेटे की व्हाट्सएप डीपी का इस्तेमाल करते हुए रितेश को फर्जी संदेश भेजा और तत्काल रुपये ट्रांसफर करने की मांग की।
कैसे हुआ ठगी का खेल?
साइबर ठगों ने रितेश के मोबाइल पर व्हाट्सएप कॉल की और कहा कि वह बिजनेस मीटिंग में व्यस्त हैं और यह उनका नया नंबर है। संदेश में यह भी कहा गया कि उन्हें तत्काल रुपये की जरूरत है। इसके बाद, ठगों ने तीन बैंक खातों के नंबर भेजे और रुपये ट्रांसफर करने के लिए दबाव डाला। रितेश ने बिना कोई संकोच किए तीन किश्तों में 2.08 करोड़ रुपये ठगों के बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।
कुछ समय बाद, रितेश को यह अहसास हुआ कि मंत्री के बेटे ने उसे कोई संदेश नहीं भेजा था, जिसके बाद वह घबरा गया और इसकी जानकारी मंत्री नन्दी को दी।
साइबर थाने और क्राइम ब्रांच की जांच
मामला सामने आते ही पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। साइबर थाने की दो टीमों और क्राइम ब्रांच को जांच में लगाया गया है। पुलिस ने उन बैंक खातों के बारे में जानकारी एकत्र करना शुरू कर दिया है, जिसमें रुपये ट्रांसफर किए गए थे। सूत्रों के मुताबिक, साइबर अपराधियों के बारे में कुछ जानकारी मिल चुकी है और बैंकों से खातों की डिटेल्स भी मांगी गई हैं।
पुलिस प्रशासन का कहना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जल्द ही ठगों तक पहुंचने की कोशिश की जाएगी। हालाँकि, अभी तक कोई अधिकारी इस मामले में सार्वजनिक बयान देने को तैयार नहीं है।
साइबर सुरक्षा पर सवाल
यह घटना साइबर ठगों के नए तरीकों की ओर इशारा करती है, जहां लोग अपनी पहचान का गलत इस्तेमाल कर वित्तीय धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए यह एक चेतावनी है कि साइबर अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

