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‘बटेंगे नहीं, न्याय मिलने तक हटेंगे नहीं’ : UP लोक सेवा आयोग के दफ़्तर के बाहर अपनी माँगो को लेकर प्रदर्शन पर बैठे छात्र

आज सुबह फिर से छात्रों की भीड़ लगातार जुट रही है और छात्रों का कहना है कि कल से भी ज्यादा स्टूडेंट्स आज के धरना-प्रदर्शन में शामिल होंगे। छात्रों की मांग है कि PCS और R0/ARO परीक्षा एक ही दिन कराई जाए जिससे नॉर्मलाइजेशन का रूल एग्जाम से हटे

प्रयागराज में लोक सेवा आयोग के कार्यालय के बाहर बीती रात से सैकड़ों की संख्या में जुटे UPPSC और R0/ARO अभ्यर्थियों का आक्रोश अब तक थमा नहीं है। छात्रों की मांगें स्पष्ट हैं: PCS और R0/ARO परीक्षाएं एक ही दिन में कराई जाएं ताकि नॉर्मलाइजेशन का नियम हटाया जा सके। बीती रात प्रशासन के बार-बार समझाने के बावजूद छात्रों ने अपनी जगह नहीं छोड़ी। आज सुबह से ही एक बार फिर छात्रों की संख्या में इजाफा हो रहा है, और उनकी चेतावनी है कि आज का प्रदर्शन पहले से भी व्यापक होगा।

“भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो!” – छात्रों की मांग

छात्रों का आरोप है कि परीक्षा की तारीख के इतने करीब परीक्षा का पैटर्न बदलकर आयोग उनके भविष्य से खेल रहा है। छात्रों के अनुसार, परीक्षा का नया नियम उन्हें मानसिक दबाव में डाल रहा है, और इसके लिए जिम्मेदार प्रशासन है। परीक्षा का शेड्यूल जारी कर दिया गया है, लेकिन इसकी प्रक्रिया में बदलाव को लेकर छात्र असंतुष्ट हैं।

डीएम ने संभाला मोर्चा, छात्रों को समझाने का प्रयास

प्रदर्शनकारी छात्रों की ओर से प्रयागराज के डीएम रविंद्र कुमार को ज्ञापन सौंपा गया। डीएम ने छात्रों से बात की और इस फैसले को एक “सामान्य प्रक्रिया” करार दिया। उनका कहना है कि छात्रों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विभिन्न पालियों में परीक्षा कराना अनिवार्य हो गया है। उन्होंने इस निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि केवल सरकारी विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाया गया है ताकि परीक्षा की सुचिता बनी रहे। परीक्षा केंद्रों की सीमित उपलब्धता के कारण ही परीक्षाएं एक ही दिन में कराना संभव नहीं है। प्रशासन का मानना है कि इस नियम से पेपर लीक जैसी घटनाओं पर भी अंकुश लगाया जा सकेगा।

लोक सेवा आयोग की दलील: “प्राइवेट सेंटर में पेपर लीक का खतरा!”

लोक सेवा आयोग के सचिव अशोक कुमार ने इस मामले में छात्रों की मांगों पर सफाई दी। उन्होंने बताया कि जून में ही एक सरकारी आदेश जारी कर दिया गया था जिसमें तय किया गया कि केवल सरकारी विद्यालयों को ही परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा। सचिव के अनुसार, प्राइवेट स्कूलों में परीक्षा के दौरान पेपर लीक होने जैसी समस्याओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया।

सेंटर्स की कमी से बना नॉर्मलाइजेशन का नियम

आयोग का कहना है कि 75 जनपदों में सीमित संख्या में ही सेंटर उपलब्ध हो पाए, जिससे सभी अभ्यर्थियों की परीक्षा एक दिन में कराना संभव नहीं हुआ। छात्रों के लिए अधिक सेंटर उपलब्ध नहीं हो पाने के कारण प्रशासन ने नॉर्मलाइजेशन लागू करने का निर्णय लिया।

आज का प्रदर्शन: प्रशासन के लिए चुनौती

प्रशासन के प्रयासों के बावजूद, छात्रों का मानना है कि उनकी मांगों को पूरा किए बिना प्रदर्शन जारी रहेगा। छात्रों का कहना है कि वे अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए इस आंदोलन में जुटे हैं और पीछे हटने का कोई इरादा नहीं है।

Rishik Dwivedi
Rishik Dwivedi
Founder Member & Sub- Editor of NTF
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