करहल: करहल विधानसभा उपचुनाव में अपनी पार्टी की जीत का दावा करते हुए सांसद धर्मेंद्र यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि अयोध्या में समाजवादी पार्टी (सपा) को मिली जीत ने यह साबित कर दिया है कि भगवान राम का आशीर्वाद अब सपा के साथ है।
धर्मेंद्र यादव ने कहा, “अयोध्या के लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है, जिससे भाजपा को वहां के नागरिकों ने एक कड़ा सबक सिखाया है।” उन्होंने भाजपा की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि उपचुनाव की तारीखें बढ़ाने का निर्णय इस बात का संकेत है कि भाजपा बुरी तरह डर गई है।
भाजपा के रिश्तों पर कटाक्ष
भैंसामई गांव में ग्रामीणों से बातचीत करते हुए यादव ने भाजपा के प्रत्याशी के साथ अपने पुराने रिश्ते पर टिप्पणी की। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह 2019 में ही उस रिश्ते को समाप्त कर चुके थे और अब वह भाजपा में चले जाने के बाद उस रिश्ते को दोबारा नहीं जोड़ा जा सकता। “इसमें नया कुछ भी नहीं है,” उन्होंने कहा।
भाजपा की नफरत की राजनीति
सांसद धर्मेंद्र यादव ने कहा, “भाजपा के लोग संविधान का सम्मान नहीं करते और समाज में नफरत फैलाने का कार्य कर रहे हैं।” धर्मेंद्र ने आरोप लगाया कि भाजपा ने ‘बंटोगे तो कटोगे’ जैसे नारे देकर विकास के वादों को ठुकरा दिया है।
सपा की मजबूती का संकेत
धर्मेंद्र यादव ने जोर देकर कहा कि भाजपा की हार निश्चित है और करहल उपचुनाव में समाजवादी पार्टी को ऐतिहासिक जीत हासिल होगी। उन्होंने सपा कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे एकजुट होकर पार्टी को मजबूत करें और भाजपा को हराने के लिए पूरी ताकत से जुट जाएं।
धर्मेंद्र यादव के इस दौरे और उनके बयान ने करहल विधानसभा के चुनावी माहौल में गर्मी बढ़ा दी है। अब सभी की निगाहें इस उपचुनाव के परिणामों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि भाजपा की रणनीतियों का क्या परिणाम होता है और सपा की ताकत कितनी बढ़ती है।

