लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को हुई कैबिनेट बैठक में 27 प्रस्तावों को मंजूरी मिली। इसमें शिक्षकों, पशु चिकित्सा पाठ्यक्रम, और रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए कई अहम फैसले लिए गए।
असिस्टेंट प्रोफेसर्स के ट्रांसफर में बदलाव
योगी सरकार ने सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों के असिस्टेंट प्रोफेसर्स के लिए ट्रांसफर नियमों में बदलाव किया है। अब इन टीचर्स को पांच की बजाय तीन साल की न्यूनतम सेवा के बाद ट्रांसफर का मौका मिलेगा। इस फैसले से उन प्रोफेसरों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें अपने कार्यस्थल से परिवारिक और अन्य कारणों से स्थानांतरित होने की जरूरत होती है।
पशु चिकित्सा के क्षेत्र में कोर्स की नई नीति को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में पशु चिकित्सा क्षेत्र में डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रमों के लिए एक नई नीति को मंजूरी दी गई। इस नीति के जरिए पशु चिकित्सा में कौशल प्राप्त युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित किए जाएंगे। इस फैसले से पशुपालकों को भी बेहतर और कुशल सेवा उपलब्ध कराई जा सकेगी।
नई शीरा नीति को मिली स्वीकृति
बैठक में राज्य की नई शीरा नीति को भी मंजूरी दी गई। हालांकि, इसमें कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। यह नीति राज्य के गन्ना किसानों और शीरा उद्योग के बीच स्थिरता बनाए रखने में सहायक मानी जाती है।
रिटायर्ड कर्मचारियों के रिटायरमेंट बेनिफिट रूल्स में संशोधन
सरकार ने रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए ‘रिटायरमेंट बेनिफिट रूल्स-1961’ में संशोधन किया है। पहले यदि कोई सरकारी कर्मचारी अपने निधन के बाद किसी नॉमिनी या वारिस को नहीं छोड़ता था तो उसकी ग्रेच्युटी का पैसा राज्य सरकार के पास चला जाता था। अब इस नियम में बदलाव करते हुए तय किया गया है कि ऐसी स्थिति में भी कर्मचारी की ग्रेच्युटी राशि सरकार के पास नहीं जाएगी, बल्कि इसे उस कर्मचारी की संपत्ति के हिस्से के रूप में देखा जाएगा।

