अल्मोड़ा, उत्तराखंड : उत्तराखंड के अल्मोड़ा में सोमवार सुबह हुआ एक दर्दनाक हादसा । यात्रियों से भरी एक बस 150 फीट गहरी खाई में जा गिरी, जिसमें 36 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 6 लोग घायल हैं। यह घटना अल्मोड़ा के कूपी इलाके के पास घटी, जब किनाथ से रामनगर जा रही यह बस अचानक अनियंत्रित होकर खाई में जा समाई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बस में 42 लोग सवार थे, जिनमें से कई यात्रियों की झटके से खिड़कियों से बाहर गिरने की भी खबर है।
कुमाऊं मंडल के आयुक्त दीपक रावत ने इस हादसे की पुष्टि करते हुए कहा कि अब तक 36 शवों को बरामद किया जा चुका है और सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है। उन्होंने बताया कि बस खाई में गिरते वक्त पेड़ में फंसकर रुक गई, वरना नदी में गिरने से और अधिक नुकसान हो सकता था। हादसे के बाद पुलिस, एसडीआरएफ, और प्रशासन की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन में जुट गईं, जबकि सल्ट और रानीखेत से भी बचाव टीमों को तैनात किया गया है।
बताया जा रहा है कि सोमवार को दीवाली की छुट्टियों के बाद पहला वर्किंग डे था, और इस वजह से बस पूरी तरह भरी हुई थी। दुर्घटना स्थल पर अल्मोड़ा एसपी और नैनीताल से पुलिस फोर्स पहुंच चुकी है, और प्राथमिक जांच में पता चला है कि बस काफी जर्जर हालत में थी। यह बस गढ़वाल मोटर्स ऑनर्स यूनियन लिमिटेड की थी, जिसके रखरखाव में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है।
इस दुखद घटना पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को 4 लाख रुपये तथा घायलों को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। साथ ही, उन्होंने कुमाऊं मंडल के आयुक्त को इस हादसे की मजिस्ट्रेट जांच करने के निर्देश दिए। प्रशासन की लापरवाही पर एक्शन लेते हुए पौड़ी और अल्मोड़ा के एआरटीओ प्रवर्तन को सस्पेंड कर दिया गया है।
घायलों को पहले रामनगर के अस्पताल में भर्ती किया गया, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायलों को एयरलिफ्ट करके हल्द्वानी और ऋषिकेश के एम्स अस्पताल में शिफ्ट किया गया है। घटनास्थल पर डॉक्टरों की एक विशेष टीम भी हेलिकॉप्टर के माध्यम से भेजी गई है।
हादसे के तुरंत बाद सीएम धामी और सांसद अनिल बलूनी, जो दिल्ली में भाजपा की बैठक में थे, उत्तराखंड के लिए रवाना हो गए। इस भीषण हादसे ने राज्य के परिवहन विभाग में बड़े सुधार की आवश्यकता को उजागर किया है।

