बस्ती: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में भ्रष्टाचार का एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां एक लेखपाल का रिश्वत लेते हुए वीडियो वायरल हो गया है। यह वीडियो कुदरहा ब्लॉक में तैनात लेखपाल राधेश्याम का बताया जा रहा है। वीडियो में दिख रहा है कि लेखपाल होटल में बैठे हैं और रिश्वत के रूप में नोटों को अपने हाथों से लेते हुए नजर आ रहे हैं। इस घटना ने पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है, और उच्चाधिकारियों ने तुरंत इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
कैमरे में कैद रिश्वतखोरी की तस्वीरें
वायरल वीडियो में तीन लोग आपस में बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। एक व्यक्ति मजाकिया लहजे में लेखपाल से कहता है, “ले लीजिए भैया,” जिसके बाद दूसरा व्यक्ति कहता है, “कुछ प्रधान जी वाली भी कर दीजिए।” इसके बाद व्यक्ति पांच-पांच सौ रुपये के कुछ नोट लेखपाल राधेश्याम को थमाता है, जिन्हें लेखपाल बिना झिझक अपने हाथों से पकड़कर जेब में रख लेते हैं। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान किसी को भी अंदाजा नहीं था कि यह सब कैमरे में कैद हो रहा है।
वायरल वीडियो ने मचाया हड़कंप
वीडियो के वायरल होते ही जिले में बवाल मच गया। बस्ती प्रशासन के अधिकारियों तक जब इस वीडियो की सूचना पहुंची, तो तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए गए। एसडीएम सदर शत्रुघ्न पाठक ने कहा, “हमने वीडियो का संज्ञान लिया है और इस मामले की गहन जांच शुरू कर दी गई है। अगर लेखपाल दोषी पाए जाते हैं, तो उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”
प्रशासन में मचा बवाल, भ्रष्टाचार पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर बस्ती जिले में प्रशासनिक भ्रष्टाचार को उजागर कर दिया है। इस वायरल वीडियो ने न केवल प्रशासन की छवि पर बट्टा लगाया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि कैसे भ्रष्टाचार की जड़ें सरकारी सिस्टम में गहरी पैठ बनाए हुए हैं।
अधिकारियों के लिए अग्निपरीक्षा
अब इस मामले की जांच पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। क्या प्रशासन दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करेगा या फिर यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा? लेखपाल राधेश्याम पर लगे इन गंभीर आरोपों ने प्रशासनिक पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जनता की उम्मीदें और प्रशासन का रुख
बस्ती की जनता को उम्मीद है कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सके और आम जनता के हितों की रक्षा की जा सके। अब देखना यह है कि जांच के बाद क्या निष्कर्ष निकलता है और प्रशासनिक कार्रवाई किस दिशा में जाती है।

