बस्ती के कप्तानगंज थाना क्षेत्र के एक गांव में इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। 17 वर्षीय नाबालिग, जो अपनी इज्जत बचाने के लिए संघर्ष कर रही थी, दबंगों की दरिंदगी का शिकार हो गई। आरोपी ने न केवल उसके साथ रेप किया, बल्कि जब पीड़िता ने विरोध किया, तो उस पर डीजल छिड़ककर आग लगा दी। 80 प्रतिशत तक जल चुकी पीड़िता ने लखनऊ के सिविल अस्पताल में 15 दिन तक संघर्ष करने के बाद बुधवार को दम तोड़ दिया।
घटना का विवरण
1 अक्टूबर को जब गांव की नाबालिग अपने घर में अकेली थी, तभी गांव का दबंग शंकर गौड़ उसके घर में घुस आया। उसने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया, और जब उसने इसका विरोध किया, तो उसके शरीर पर डीजल डालकर आग लगा दी। आग से बुरी तरह झुलसी पीड़िता को पहले सीएचसी कप्तानगंज ले जाया गया, फिर वहां से जिला अस्पताल और अंततः लखनऊ के सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया। लेकिन उसके शरीर का 80% हिस्सा जल चुका था, जिससे उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।
पीड़िता की मौत के बाद बढ़ा आक्रोश
लखनऊ के सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान बुधवार को जब नाबालिग ने दम तोड़ा, तो गांव में आक्रोश फैल गया। इस घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है। परिजनों की आंखों में आंसू और दिल में न्याय की उम्मीद बाकी है, पर इस दर्दनाक हादसे ने उनकी दुनिया बर्बाद कर दी।
पुलिस की कार्रवाई और कानूनी पहलू
पीड़िता के परिजनों ने 12 अक्टूबर को कप्तानगंज थाने में आरोपी शंकर गौड़ के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया और पॉक्सो एक्ट, जानलेवा हमला समेत कई धाराओं में मामला दर्ज किया। अब पीड़िता की मौत के बाद पुलिस हत्या की धारा जोड़कर आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
न्याय की गुहार
इस दिल दहला देने वाली घटना ने समाज में महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। घटना के बाद पुलिस द्वारा पीड़िता के शव का पोस्टमॉर्टम कराया जा रहा है। इसके बाद शव को उसके पैतृक गांव भेजा जाएगा। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि मामले की जांच में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी और आरोपी को न्याय के कटघरे में लाकर खड़ा किया जाएगा।

