प्रयागराज के नैनी थाने की पुलिस और एसओजी (स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप) ने ऑटो से लूटपाट, छिनैती और चोरी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 7 शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह रेलवे स्टेशन से यात्रियों को ऑटो में बैठाकर लूटपाट को अंजाम देता था। यात्रियों के बैग, अटैची और अन्य सामान चुराकर उन्हें दूर किसी सुनसान जगह पर छोड़ दिया जाता था।
ऑटो में सवारी बनकर देते थे लूट को अंजाम
यह गिरोह सुनियोजित तरीके से काम करता था। ड्राइवर और कंडक्टर बने ये बदमाश स्टेशन और अन्य भीड़भाड़ वाली जगहों से यात्रियों को ऑटो में बैठाते थे। कई बार इनके साथी सवारी के रूप में भी ऑटो में पहले से मौजूद रहते थे, ताकि शिकार को कोई शक न हो। अगर कोई अकेला यात्री मिल जाता, तो उसे सुनसान जगह पर ले जाकर उसका सामान छीन लेते और फरार हो जाते थे।

सीसीटीवी फुटेज से पकड़ में आए बदमाश
पिछले कुछ समय में कई यात्रियों के साथ हुई लूटपाट के मामलों के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिससे एक बदमाश की पहचान हो गई। उसकी गिरफ्तारी के बाद पूरा गिरोह पुलिस के शिकंजे में आ गया। पुलिस ने इनके पास से दो ऑटो बरामद की हैं, जिनका इस्तेमाल ये लूटपाट में करते थे। इसके अलावा, 91,500 रुपये नगद, सोने के गहने, बैग और अन्य चोरी का सामान भी बरामद हुआ है।
गिरफ्तार बदमाशों की पहचान
गिरफ्तार किए गए बदमाशों में ताजिम (पुत्र मो. अहमद, निवासी बुंदावा थाना घूरपुर), एजाज उर्फ रहमान (पुत्र जमीलु हक, निवासी पुरवाखास थाना औद्योगिक क्षेत्र), घनश्याम भारतीया (पुत्र हजारी लाल, निवासी ब्येहरा थाना औद्योगिक क्षेत्र), विशाल (पुत्र लल्लन, निवासी कर्मा बाजार थाना घूरपुर), करीम (पुत्र अब्दुल हादी, निवासी पुरवाखास थाना औद्योगिक क्षेत्र), बबलू उर्फ अमानत (पुत्र हाजीरजब अली, निवासी सारंगापुर थाना घूरपुर), और शिवम सोनी (पुत्र मुन्ना सोनी, निवासी घूरपुर बाजार) शामिल हैं।
ऑटो से लूटपाट का गिरोह बेनकाब
इस कार्रवाई से प्रयागराज में ऑटो से हो रही लूटपाट की घटनाओं पर रोक लगेगी। पुलिस की सतर्कता और सीसीटीवी की मदद से इस गिरोह का पर्दाफाश होना एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। पुलिस अब आगे की जांच में जुटी है, ताकि इन बदमाशों से जुड़े और भी मामलों का खुलासा हो सके।

