तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले में एक बड़ा रेल हादसा हुआ है। मैसूर-दरभंगा बागमती एक्सप्रेस (ट्रेन संख्या 12578) मालगाड़ी से टकरा गई, जिसमें 19 लोग घायल हो गए हैं। इनमें से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज आईसीयू में चल रहा है। हादसे की वजह ट्रेन का मेन लाइन की बजाय लूप लाइन में जाना बताया जा रहा है। इस हादसे के वक्त ट्रेन की रफ्तार करीब 75 किमी प्रति घंटा थी।
हादसे की परिस्थितियाँ
घटना तब घटी जब ट्रेन पोन्नेरी स्टेशन पार कर रही थी और कावरापेट्टई स्टेशन के पास लूप लाइन में चली गई, जहां एक मालगाड़ी खड़ी थी। दोनों गाड़ियों की टक्कर के बाद ट्रेन के एक डिब्बे में आग लग गई, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया। दमकल की गाड़ियों ने आग पर काबू पा लिया, जिससे बड़ा नुकसान होने से बचा लिया गया।
रेल मंत्री और मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया
इस हादसे के बाद दिल्ली में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव खुद वार रूम पहुंचकर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उधर, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और तेजी से राहत कार्य करने के निर्देश दिए।
रेलवे बोर्ड ने हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि हादसे में किसी यात्री की मौत की खबर नहीं है। दक्षिण रेलवे की प्रेस रिलीज में कहा गया है कि ट्रेन को ग्रीन सिग्नल दिया गया था, लेकिन लूप लाइन में प्रवेश करते ही यह हादसा हुआ।
राहत और बचाव कार्य तेज
घटना के बाद रेल मार्ग के प्रभावित हिस्से में ट्रेनों की आवाजाही बंद कर दी गई है। रेलवे की टीमें प्रभावित ट्रैक को जल्द से जल्द चालू करने की कोशिश कर रही हैं। वहीं, घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। रेलवे और प्रशासन यह सुनिश्चित करने में लगे हैं कि घायलों को उचित इलाज और देखभाल मिले।
यह हादसा एक बार फिर रेलवे सुरक्षा के प्रति ध्यान आकर्षित करता है। इस हादसे की जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।

