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बस्ती: अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर छात्राओं ने निभाई पुलिस की जिम्मेदारी, बनीं एक दिन की कोतवाल

छावनी थाने के एसएचओ विजय दुबे ने काजल गौतम को थाने की नियमित कार्यवाहियों से परिचित करवाया। इस दौरान काजल ने बैंक और एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग भी की

बस्ती, उत्तर प्रदेश: अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बस्ती जिले के छावनी थाने में कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला, जब 12वीं कक्षा की छात्रा काजल गौतम ने सांकेतिक रूप से कोतवाल की जिम्मेदारी संभाली। यह अनूठी पहल ‘मिशन शक्ति’ के तहत की गई, जिसमें छात्राओं को पुलिसिंग का अनुभव दिलाने के साथ महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया गया।

छात्राओं ने संभाली थाने की कमान

छात्रा काजल गौतम ने छावनी थाने में कोतवाल की भूमिका निभाई, जबकि साक्षी सिंह को SSI (सब-इंस्पेक्टर) और खुशी सिंह को एक दिवसाधिकारी बनाया गया। काजल गौतम ने थाने पहुंचकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। काजल ने थाने के परिसर में महिला हेल्प डेस्क, हवालात और अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और महिला संबंधित अपराधों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

मिशन शक्ति और सुरक्षा का संदेश

इस दौरान काजल गौतम ने ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत महिलाओं की सुरक्षा और उनके अधिकारों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिला अपराधों को लेकर पुलिस को संवेदनशील होना चाहिए और त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने खुद फरियादियों से बात की और मामलों को संज्ञान में लिया।

बैंक, एटीएम और दुर्गा प्रतिमा की सुरक्षा का लिया जायजा

छावनी थाने के एसएचओ विजय दुबे ने काजल गौतम को थाने की नियमित कार्यवाहियों से परिचित करवाया। इस दौरान काजल ने बैंक और एटीएम की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग भी की। दुर्गा प्रतिमा और पंडालों की सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी लेते हुए उन्होंने पुलिस के साथ पैदल गश्त भी की, जिससे उन्हें पुलिस की कार्यप्रणाली को समझने का अवसर मिला।

महिला सशक्तिकरण की ओर एक कदम

यह कार्यक्रम बस्ती जिले में महिला सशक्तिकरण और जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। छात्राओं को एक दिन की पुलिसिंग का अनुभव देकर उन्हें आत्मविश्वास से भरने और समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जागरूक करने का यह अनूठा प्रयास सराहा जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर इस प्रकार की पहल महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के प्रति समाज को एक सकारात्मक संदेश देती है, जिससे लड़कियों को अपने अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति सजग बनाया जा सके।

Rishik Dwivedi
Rishik Dwivedi
Founder Member & Sub- Editor of NTF
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