वाराणसी, 8 अक्टूबर: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू) में मंगलवार को एक विवादित घटना सामने आई, जब छात्रों ने बीजेपी ब्लॉक प्रमुख की काली फॉर्च्यूनर कार को रोक लिया। छात्रों का आरोप है कि कार में सवार युवकों ने विश्वनाथ मंदिर के पास हूटर बजाया और तेज गति से गाड़ी चलाते हुए अन्य वाहनों को टक्कर मार दी, जिससे कई लोग घायल हो गए।
घटनाक्रम में तेजी से बढ़ा तनाव
छात्रों ने बताया कि जब उन्होंने कार को रोका, तो उसमें बैठे युवकों ने उनके साथ अभद्रता की और उन्हें गोली मारने की धमकी दी। यह सुनते ही छात्रों का आक्रोश और बढ़ गया, और वे गाड़ी के सामने खड़े हो गए। इसी बीच, गाड़ी में बैठे युवक लंका गेट की दिशा में भागने लगे, लेकिन छात्रों और प्राक्टोरियल बोर्ड के सदस्यों ने उन्हें पकड़ लिया।

पुलिस की कार्रवाई: तीन युवक गिरफ्तार
लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची लंका थाने के इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने गाड़ी में सवार तीन युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी को भी अपने कब्जे में ले लिया। हालांकि, पुलिस ने बताया कि गाड़ी से कोई भी हथियार बरामद नहीं हुआ है। गिरफ्तार किए गए युवक जौनपुर के निवासी बताए जा रहे हैं।

छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। छात्रों ने मांग की है कि ऐसे घातक व्यवहार को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। उन्होंने आरोप लगाया कि अगर इस तरह के व्यवहार को नजरअंदाज किया गया, तो यह अन्य छात्रों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
अधिकारियों का ध्यान इस ओर
बीएचयू प्रशासन और पुलिस अब इस मामले की गंभीरता से जांच कर रहे हैं। छात्रों का मानना है कि इस घटना को सिर्फ एक छोटी सी घटना नहीं माना जाना चाहिए, बल्कि यह सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के मामले में गंभीर चिंताओं को उजागर करता है।
अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस उपाय करता है ?



