प्रयागराज, 29 सितंबर — प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (SRN) अस्पताल के एक डॉक्टर ने मंगलवार देर रात अपनी कार के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में आत्महत्या कर ली। मृतक डॉक्टर की पहचान कार्तिकेय श्रीवास्तव के रूप में हुई, जो एसआरएन अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स डिपार्टमेंट में तैनात थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्राथमिक जांच में सुसाइड की आशंका जताई है, हालांकि मौत के असल कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल पाएगा।
कार के अंदर मिली लाश, पुलिस और डॉक्टरों ने दी सूचना
मंगलवार रात जब एसआरएन अस्पताल के अन्य डॉक्टर ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रहे थे, तब उन्होंने पार्किंग में खड़ी नीली रंग की कार में डॉक्टर कार्तिकेय श्रीवास्तव को मृत हालत में पाया। डॉक्टर कार्तिकेय ड्राइविंग सीट पर बेसुध पड़े थे। तुरंत ही अस्पताल के अन्य डॉक्टरों और पुलिस को इसकी सूचना दी गई। मौके पर डीसीपी सिटी अभिषेक भारती, एसीपी मनोज सिंह और एसपी श्वेताभ पाण्डेय सहित पुलिस की विशेष जांच टीम (SOG) पहुंच गई।

प्राथमिक जांच: नियुवेक इंजेक्शन से खुदकुशी का शक
पुलिस द्वारा कार की तलाशी लेने पर बगल की सीट से नियुवेक नामक इंजेक्शन की खाली शीशी और इस्तेमाल की गई निडल बरामद हुई। प्रारंभिक जांच में पुलिस को संदेह है कि डॉक्टर ने अपने हाथ में इस इंजेक्शन का उपयोग किया, जिसके चलते उनकी मौत हुई। हालांकि, इंजेक्शन की वजह से ही मौत हुई है या कोई और कारण है, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का ही प्रतीत होता है।
हरिद्वार के रहने वाले थे डॉक्टर कार्तिकेय
मृतक डॉक्टर कार्तिकेय श्रीवास्तव हरिद्वार के निवासी थे और एसआरएन अस्पताल के ऑर्थोपेडिक्स विभाग में कार्यरत थे। अस्पताल में उनका व्यवहार सामान्य था और उनके साथियों ने भी उन्हें लेकर किसी प्रकार की समस्या की जानकारी नहीं दी थी। पुलिस अब डॉक्टर के दोस्तों, परिवार और सहयोगियों से पूछताछ कर रही है, ताकि आत्महत्या के पीछे की वजह को समझा जा सके। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि डॉक्टर किसी व्यक्तिगत या पेशेवर समस्या से जूझ रहे थे, जिसने उन्हें यह कदम उठाने पर मजबूर किया।
कारण की खोज: पुलिस जुटी जांच में
डीसीपी सिटी अभिषेक भारती ने बताया कि पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला आत्महत्या का ही लगता है। हालांकि, डॉक्टर कार्तिकेय ने इस कदम को क्यों उठाया, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। पुलिस उनकी निजी और पेशेवर जिंदगी से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रही है, ताकि घटना के सही कारणों का पता लगाया जा सके।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
फिलहाल पुलिस ने डॉक्टर का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है, और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि उनकी मौत इंजेक्शन से हुई है या इसके पीछे कोई और कारण है। डॉक्टर कार्तिकेय की असमय मृत्यु ने अस्पताल में शोक की लहर दौड़ा दी है, और उनके साथी डॉक्टरों में भी गहरा दुख व्याप्त है।

