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ओसीआर बिल्डिंग में मिली युवक की लाश, शरीर पर चोट के निशान, पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच

लखनऊ के हुसैनगंज इलाके में स्थित विधायक आवास बिल्डिंग (ओसीआर) में मंगलवार सुबह एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक के शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है

लखनऊ—राजधानी लखनऊ के हुसैनगंज इलाके में स्थित विधायक आवास बिल्डिंग (ओसीआर) में मंगलवार सुबह एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। युवक के शरीर पर चोट के निशान मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है, और अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि यह आत्महत्या का मामला है या हत्या का।

घटना का विवरण

मंगलवार सुबह करीब 5:30 बजे पुलिस को सूचना मिली कि ओसीआर बिल्डिंग परिसर में एक युवक का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने युवक को मृत घोषित कर दिया। शव की पहचान हिमांशु सिंह के रूप में की गई, जो ओसीआर बिल्डिंग से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर लालकुआं इलाके का रहने वाला था।

पुलिस जांच के दौरान ओसीआर बिल्डिंग के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें हिमांशु रात करीब 11 बजे गेट नंबर एक को फांदते हुए परिसर में प्रवेश करता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद उसे बिल्डिंग के भीतर घूमते देखा गया, लेकिन कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं दिखाई दी। पुलिस ने परिवार से संपर्क किया तो पता चला कि हिमांशु का रात में अपने परिवार से झगड़ा हुआ था, जिसके बाद वह घर से निकल गया था।

परिवार का बयान और पुलिस की जांच

हिमांशु के पिता ने पुलिस को बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान था, और परिवार में हुए झगड़े के बाद उसने यह कदम उठाया हो सकता है। हालाँकि, पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है, जिसमें आत्महत्या और हत्या दोनों संभावनाओं को ध्यान में रखा जा रहा है।

लखनऊ की डीसीपी सेंट्रल रवीना त्यागी ने बताया कि शव को विधायक आवास परिसर से बरामद किया गया और पुलिस ने तुरंत जांच शुरू कर दी है। अभी तक मामले में किसी संदिग्ध की पहचान नहीं हो पाई है, लेकिन पुलिस का कहना है कि घटना की हर संभव दिशा से जांच की जा रही है।

ओसीआर बिल्डिंग का इतिहास

ओसीआर बिल्डिंग, जहां यह घटना हुई, का इतिहास भी रहस्यमय घटनाओं से जुड़ा हुआ है। लगभग 20 से 22 साल पहले इस बिल्डिंग को ‘सुसाइड टावर’ के नाम से जाना जाता था। उस समय इस इमारत से कई लोगों ने आत्महत्या की थी, और दो मामलों में यहां ऊपर से हत्या कर शव को नीचे फेंकने की घटनाएं भी सामने आई थीं। इसके बाद बिल्डिंग में रहने वाले लोगों ने हवन करवाया था और सुरक्षा के लिए इमारत के अंदर जाल भी लगाए गए थे।

मामले की मौजूदा स्थिति

पुलिस द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण और शव की फोरेंसिक जांच जारी है। हिमांशु के शरीर पर मिले चोट के निशान मामले को संदिग्ध बनाते हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट रूप से कुछ कहा जा सकेगा कि यह आत्महत्या है या हत्या।

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