उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले में पुलिस विभाग को शर्मसार कर देने वाली एक घटना सामने आई है। जिले के पाली थाना क्षेत्र में तैनात एक दरोगा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह शराब के नशे में एक ढाबे पर हंगामा कर रहे हैं। मामला तब बढ़ गया जब दरोगा ने खाना खाने के बाद ढाबा मालिक को पैसे देने से इनकार कर दिया और नशे में धुत होकर विवाद करने लगे।
दरोगा ने किया हंगामा, ढाबा मालिक से विवाद
दरअसल, यह मामला हरदोई के पाली थाना क्षेत्र का है। वायरल हो रहे वीडियो में दरोगा मृत्युंजय प्रताप नारायण सिंह, जो पाली थाने में तैनात हैं, को एक ढाबे पर शराब पीते और फिर खाना खाने के बाद बिना पैसे दिए वहां से जाने की कोशिश करते देखा गया। जब ढाबा मालिक ने उनसे खाना खाने का भुगतान मांगा, तो दरोगा ने नशे में धुत होकर हंगामा खड़ा कर दिया। इस घटना का वीडियो ढाबे पर मौजूद किसी व्यक्ति ने रिकॉर्ड कर लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
वीडियो वायरल होने के बाद कार्रवाई
वीडियो वायरल होते ही यह घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई और पुलिस प्रशासन पर सवाल उठने लगे। जैसे ही यह मामला हरदोई पुलिस के उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया, पुलिस अधीक्षक (एसपी) नीरज जादौन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए दरोगा मृत्युंजय प्रताप नारायण सिंह को सस्पेंड कर दिया।
जांच के आदेश और विभागीय कार्रवाई
इस मामले पर बात करते हुए हरदोई के एडिशनल एसपी पश्चिमी मार्तंड प्रताप सिंह ने जानकारी दी कि थाना पाली में तैनात सब इंस्पेक्टर का यह वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। सीओ शाहाबाद को मामले की जांच सौंपी गई, जिन्होंने जांच के बाद दरोगा को दोषी पाया। पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से दरोगा को निलंबित कर दिया है और उनके खिलाफ विभागीय जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
जनता में आक्रोश और पुलिस की छवि पर सवाल
इस घटना ने आम जनता में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस, जो समाज की सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदार होती है, इस तरह की घटनाओं से उसकी छवि धूमिल होती है। हरदोई जिले में पुलिस विभाग की इस शर्मनाक घटना से जनता में काफी नाराजगी है। लोग सोशल मीडिया पर इस घटना पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं और पुलिस प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
अधिकारियों की सख्त चेतावनी
इस घटना के बाद पुलिस विभाग के उच्च अधिकारियों ने साफ तौर पर कहा है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी पुलिसकर्मियों को चेतावनी दी है कि ड्यूटी के दौरान अनुशासन बनाए रखना अनिवार्य है, और किसी भी तरह की गैर-जिम्मेदाराना हरकत पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
दरोगा मृत्युंजय प्रताप नारायण सिंह की इस हरकत ने पुलिस विभाग की साख को चोट पहुंचाई है, लेकिन उच्च अधिकारियों द्वारा त्वरित कार्रवाई और जांच के आदेश ने यह सुनिश्चित किया है कि इस तरह की घटनाओं पर तत्काल सख्त कदम उठाए जाएंगे। पुलिस प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि कानून के रखवालों को भी नियमों का पालन करना होगा, और अनुशासनहीनता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

